तेहरान : मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भी मारे गए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इजरायली हवाई हमलों में उनकी मौत हुई. साल 2005 से 2013 तक ईरान की सत्ता संभालने वाले अहमदीनेजाद को उनके कट्टरपंथी और पश्चिम विरोधी रुख के लिए जाना जाता था.
अहमदीनेजाद ईरान के उन गिने-चुने नेताओं में से थे जिन्होंने खुले तौर पर इजरायल के अस्तित्व को नकारने और उसे नक्शे से मिटा देने जैसे चरमपंथी बयान दिए थे. उनके शासनकाल के दौरान ईरान का परमाणु कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ा जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव पैदा हुआ था. वे कट्टर रूढ़िवादी नीतियों के कट्टर समर्थक थे और हमेशा पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोले रखते थे.
यूक्रेन युद्ध पर चौंकाने वाला स्टैंड
अपनी चरमपंथी छवि के बावजूद अहमदीनेजाद ने हाल के वर्षों में दुनिया को तब हैरान कर दिया जब उन्होंने रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए आक्रमण की कड़ी निंदा की. जहां ईरान की वर्तमान सत्ता रूस के साथ खड़ी नजर आई, वहीं अहमदीनेजाद ने यूक्रेन की संप्रभुता का समर्थन किया था. उनकी इस अपेक्षित छवि से उलट रुख ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बनाए रखा था.
अब खामेनेई और अहमदीनेजाद जैसे कद्दावर नेताओं के एक के बाद एक ढेर होने से ईरान के भीतर नेतृत्व का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस क्षति का बदला लेने के लिए भारी मिसाइल हमलों की चेतावनी दी है.




