नई दिल्ली : चीन के लियुयांग शहर में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 21 लोगों की मौत हो गई और 61 लोग घायल हो गए. यह हादसा सोमवार शाम करीब 5 बजे लियुयांग हुआशेंग फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरिंग एंड डिस्प्ले कोऑपरेशंस नाम की फैक्ट्री में हुआ, जो गुआंडू टाउनशिप में स्थित है. धमाके के बाद तुरंत बचाव और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया गया. फिलहाल घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
लियुयांग शहर में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी है. घटना के बाद करीब 500 बचावकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया और खतरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. अधिकारियों ने फैक्ट्री के 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को भी खाली कराया, क्योंकि वहां मौजूद दो गोदामों में रखे बारूद से अभी भी खतरा बना हुआ है.
कैसे हुआ धमाका?
यह धमाका लियुयांग हुआशेंग फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरिंग एंड डिस्प्ले कोऑपरेशन के एक वर्कशॉप में हुआ, जो इस क्षेत्र में पटाखा उत्पादन का बड़ा केंद्र माना जाता है. घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में फैक्ट्री से घना सफेद धुआं उठता देखा गया. धमाके का असर आसपास के गांवों तक पहुंचा. कई घरों के दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं, सड़कों पर मलबा और बड़े पत्थर बिखर गए. सुरक्षा के डर से कई ग्रामीणों ने अपने घर छोड़ दिए.
राष्ट्रपति ने लिया घटना का संज्ञान
चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने इस घटना की तुरंत और गहन जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने लापता लोगों की तलाश तेज करने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने को कहा है. साथ ही उन्होंने उद्योगों में सुरक्षा उपाय और जोखिम नियंत्रण को और मजबूत करने पर जोर दिया. मिनिस्ट्री ऑफ एमरजेंसी मैनेजमेंट ने भी बचाव कार्य की निगरानी के लिए अपनी टीम भेजी है. वहीं पुलिस ने जांच के तहत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिया है. राहत कार्य के दौरान किसी और धमाके से बचने के लिए फायर ब्रिगेड पानी की बौछार कर रही है और खोज अभियान में तीन रोबोट भी लगाए गए हैं. गौरतलब है कि इससे पहले हुबेई प्रांत में भी इसी तरह के धमाके में 12 लोगों की मौत हो चुकी थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.




