नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। सुष्मिता देव लंबे समय से पार्टी का प्रमुख चेहरा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर TMC का प्रतिनिधित्व करती रही हैं।
इस्तीफे के तुरंत बाद सुष्मिता देव की असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC में अंदरूनी असंतोष लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय में कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाई है। काकोली घोष दस्तीदार और सुखेंदु शेखर जैसे नेताओं के बाद अब सुष्मिता देव का इस्तीफा पार्टी में बढ़ती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।
वहीं, बागी गुट का दावा है कि TMC के कई सांसद अलग गुट बनाकर NDA का समर्थन करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सुष्मिता देव के इस्तीफे ने बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे दिया है।