खामेनेई का ट्रंप पर हमला: 'MoU के लिए बेताब थे, हर पैंतरेबाजी की'
डोनाल्ड ट्रम्प और मोजतबा खामनेई (File Photo)


नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के समझौते पर साइन होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप "बेताब" थे और MoU कराने के लिए "हर तरह के दबाव और प्रभाव" का इस्तेमाल किया। खामेनेई ने माना कि उन्हें इस डील पर आपत्ति और संदेह थे, लेकिन राष्ट्रपति पेजेश्कियान और सुरक्षा अधिकारियों के आश्वासन पर मंजूरी दी।


 'ट्रंप थे बेताब, हर हथकंडा अपनाया': खामेनेई
ड्राफ्ट समझौते पर वर्चुअल साइन के बाद पहली बार बोलते हुए मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस MoU को अस्तित्व में लाने के लिए बेहद उत्सुक थे। "ट्रंप ने बेताबी में आकर इस समझौते के लिए हर तरह की पैंतरेबाजी, दबाव और प्रभाव का इस्तेमाल किया।" खामेनेई ने साफ किया कि MoU को लेकर उनकी राय अलग थी।


 'संदेह था, फिर भी दी मंजूरी': पेजेश्कियान के भरोसे पर राजी हुए खामेनेई
खामेनेई ने बताया कि अमेरिका के साथ MoU को लेकर उनके मन में आपत्तियां और संदेह थे। लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने प्रतिबद्धता जताई कि समझौते में ईरान के हितों और सहयोगियों के अधिकारों की पूरी रक्षा होगी। इसी आश्वासन के बाद उन्होंने डील को मंजूरी दी।


आलोचकों को जवाब: 'अमेरिका की बात मानने का मतलब नहीं'
खामेनेई ने अमेरिका से बातचीत के आलोचकों को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आगे होने वाली आमने-सामने की वार्ताओं का मतलब ये नहीं है कि ईरान दुश्मन का नजरिया स्वीकार कर रहा है। "प्रत्यक्ष वार्ताएं इस बात का संकेत नहीं हैं कि हम अमेरिकी दृष्टिकोण को मान रहे हैं।" साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अत्यधिक मांगें रखेगा तो ईरान उन्हें स्वीकार नहीं करेगा।


60 दिन की बातचीत शुरू, ईरान की अंदरूनी झलक
खामेनेई की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब ईरान, अमेरिका के साथ 60 दिनों की वार्ता अवधि में प्रवेश कर रहा है। उनका बयान ईरान की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया की दुर्लभ झलक देता है। ट्रंप और पेजेश्कियान ने बुधवार को MoU पर साइन किए थे, जिसके तहत होर्मुज खुलेगा और ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी हटेगी।


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