क्‍या अब सुरक्षित होगा शराब पीना? तय होगी अल्‍कोहल की मात्रा
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अल्‍कोहल युक्‍त ड्रिंक्‍स लेने वालों के साथ ही उनके परिवार के सदस्‍यों के लिए भी खुशखबरी है. अब वे इस बात से आश्‍वस्‍त हो सकते हैं कि उनके ड्रिंक्‍स में अल्‍कोहल की मात्रा सुरक्षित और तय सीमा के दायरे में होगी. अभी तक इस मामले में कोई रेगुलेशन नहीं था, जिससे कई दफा अधिक अल्‍कोहल लेने पर लोगों की हालत खराब हो जाती थी. फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई ने शराब कंपनियों पर नकेल कसनी शुरू करदी है. एफएसएसएआई शराब कंपनियों के उत्पादों में अल्कोहल की अधिकतम और न्यूनतम सीमा के साथ अन्य मानक तय करने जा रहा है.

अभी हो रहा है उल्‍लंघन
सरकार बियर, व्हिस्की, रम, ब्रांडी, जिन, वोडका, फैनी और ब्रीजर जैसे उत्पादों में अल्कोहल की अधिकतम और न्यूनतम सीमा तय करने जा रही है. अभी तक देश में अल्कोहल पर कोई रेगुलेटरी नियम नहीं है. ये पहली बार है जब एफएसएसएआई ऐसे अल्कोहल प्रोडक्ट्स को रेगुलेट करने जा रहा है. हालांकि शराब के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी बीआईएस के मानक मौजूद हैं, लेकिन पूरे देश में नियंत्रण के अभाव में इनका खुला उल्लंघन होता है.

हर अल्‍कोहल ड्रिंक की तय होगी सीमा

अल्‍कोहल की मात्रा तय नहीं होने के कारण खुले बाजार में बिक रही शराब कई गुना ज्यादा खतरनाक हो जाती है, यही वजह है कि सरकार ने ना सिर्फ मानक तय करने, बल्कि इसे सख्ती से लागू करने का भी फैसला लिया है. प्रस्तावित नियमों के तहत हर अल्कोहल पदार्थ में अल्कोहल की मात्रा तय होगी.

व्हिस्की और रम के लिए अधिकतम सीमा फीसदी
व्हिस्की और रम के लिए ये सीमा 36 से 50 फीसदी होगी, जबकि बियर में 5 से 8 फीसदी अल्कोहल की सीमा तय होगी. फैनी, ताड़ी जैसी देसी शराब में 19 से 43 फीसदी अल्कोहल की मात्रा तय होगी. जबकि वाइन में ये साढ़े 7 से 15 फीसदी होगी.

खाका हो चुका है तैयार
हालांकि कई ब्रांड सेल्फ रेगुलेशन करते हुए इसी सीमा के आसपास अल्कोहल की मात्रा रखते हैं, लेकिन कई ब्रांड ऐसे हैं, जो इस सीमा से कई गुना ज्यादा अल्कोहल की मात्रा रखते हैं. सूत्रों के मुताबिक सरकार अल्कोहल वाले पेय पदार्थों के लिए स्टैंडर्ड तय करने की योजना का खाका तैयार कर चुकी है.

मेटल कंटेंट की भी तय होगी सीमा
अल्कोहल की मात्रा के साथ ही सरकार अब शराब में मेटल कंटेंट समेत कई अन्य केमिकल्स के लिए मानक तय करेगी. साथ ही लेबलिंग में 3 एमएम की बी सेफ: डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव की चेतावनी भी जोड़ी जाएगी. स्टैंडर्ड तय करने का काम पूरा हो चुका है. सरकार अगले कुछ हफ्तों में कानूनी पहलुओं की जांच करके इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी कर देगी. नियम तोड़ने वाली कंपनी पर एफएसएसएआई एक्ट के तहत कार्रवाई होगी.

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