लेखक की कलम से : मोदी सरकार का नया संकट,कोरोना काल में बढ़ी बेरोजगारी

एक तरफ केन्द्र की मोदी सरकार निजीकरण की ओर बढ़ रही है तो दूसरी ओर उस पर इस बात का दबाव है कि वह युवाओं के लिए अधिक से अधिक सरकारी नौकरियों की व्यवस्था करे।

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तो क्या ये मीडिया के अंत की शुरुवात है....

तो क्या ये मीडिया के अंत की शुरुवात है....

भारत मे आज के प्रतिष्ठित चैनल न तो सरकार की कमियों पर बात करना चाहते है और न ही आम जनमानस के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहते फिर हम इन्हें क्यो देखें, क्यो इन्हें देखने के अपना समय बर्बाद करें यही कारण कि न्यूज चैनल देखना मैंने बंद कर दिया।

24-Sep-2020

सोशल मीडिया पर #Couplechallenge  क्यों हो रहा है ट्रेंड?

सोशल मीडिया पर #Couplechallenge क्यों हो रहा है ट्रेंड?

डिजिटल प्लेटफार्म पर अक्सर कोई ना कोई चैलेंज शुरू होता है और ये तेजी से वायरल भी होने लगते हैं. कोरोनाकाल में सोशल मीडिया पर ऐसे कई ट्रेंड्स देखने को मिले हैं

24-Sep-2020

लेखक की कलम से : योगी फिल्म सिटी बनाएं, ‘यूपी बनाम महाराष्ट्र’ नहीं

लेखक की कलम से : योगी फिल्म सिटी बनाएं, ‘यूपी बनाम महाराष्ट्र’ नहीं

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उस मुम्बई को आइना दिखा दिया है जो बाॅलीबुड के चलते इतराया करता है। बाॅलीबुड की पहचान हिन्दी फिल्मों से जुड़ी है। बाॅलीबुड में करीब 80 प्रतिशत कलाकार, लेखक, निर्देशक, गीतकार, संगीतकार,टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ उत्तर भारत से आकर अपनी किस्मत अजमाता है।  

24-Sep-2020

लेखक की कलम से : राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर नहीं पत्रकार

लेखक की कलम से : राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर नहीं पत्रकार

चीन के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा की गिरफ्तारी ने इस ज्वलंत बहस को जन्म दे दिया है कि क्या पत्रकारों को कुछ भी करने की छूट मिली हुई है?

24-Sep-2020

लेखक की कलम से : देश विरोधी छवि के चलते अलग-थलग पड़ती कांग्रेस

लेखक की कलम से : देश विरोधी छवि के चलते अलग-थलग पड़ती कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक को समाजवादी पार्टी का मजबूत आधार माना जाता है। मुसलमान जब तक कांगे्रस के साथ रहे तब तक यूपी में कांगे्रस की तूती बोलती रही, लेकिन अयोध्या विवाद के चलते कांगे्रस से मुसलमान और हिन्दू दोनों खिसक गए,जिसके चलते यूपी में कांगे्रस तीस वर्षो से सत्ता का वनवास झेल रही है।

22-Sep-2020

लेखक की कलम से : एक तरफ काल, दूसरी ओर आक्सीजन की कालाबाजारी

लेखक की कलम से : एक तरफ काल, दूसरी ओर आक्सीजन की कालाबाजारी

कोरोना महामारी में भी कुछ ‘शैतानी ताकतें’ अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही हैं। लाॅक डाउन के समय जरूरत की चीजों की कैसे कालाबाजारी हुई थी,किसी से छिपा नहीं है।

18-Sep-2020

लेखक की कलम से : ...हो सके तो खुद को संभाल लो

लेखक की कलम से : ...हो सके तो खुद को संभाल लो

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान एक चेप्टर सामने आया था प्रोपोगंडा एजेंडा सेटिंग का, जिसके मुताबिक सरकार जब मूल मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है तो बड़े ही पारंपरिक तरीके से एक सेट एजेंडे को मीडिया के सामने रखती है और मीडिया भी विशुद्ध पैरोकार को तरह उस एजेंडे पर काम करना शुरू कर देती है।

17-Sep-2020

लेखक की कलम से : एक तरफ काल, दूसरी ओर आक्सीजन की कालाबाजारी

लेखक की कलम से : एक तरफ काल, दूसरी ओर आक्सीजन की कालाबाजारी

कोरोना महामारी में भी कुछ ‘शैतानी ताकतें’ अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही हैं। लाॅक डाउन के समय जरूरत की चीजों की कैसे कालाबाजारी हुई थी,किसी से छिपा नहीं है। आटा जैसी आवश्वयक वस्तु बाजार से गायब हो गई थी,जो आटा आम दिनों में 20-22 रूपए किलो बिकता था,वह तीस रूपए किलो तक बेचा गया।

17-Sep-2020

लेखक की कलम से : बच्चन परिवार जिसे ‘नेकनामी-बदनामी’ दोनों मिलीं

लेखक की कलम से : बच्चन परिवार जिसे ‘नेकनामी-बदनामी’ दोनों मिलीं

फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स कनेक्शन और उस पर राज्यसभा में जया बच्चन द्वारा दिये गये बयान के चलते बच्चन परिवार एक बार फिर विवादों में आ गया है। बच्चन परिवार को अहसान फरामोश बताया जा रहा है। उसे याद दिलाया जा रहा है कि किस तरह से उसने समाजवादी नेता अमर सिंह के अहसान का बदला बेरूखी के साथ चुकाया था।  

17-Sep-2020

लेखक की कलम से :  जनता की नजरों में योगी सरकार की ‘रेटिंग’ अच्छी नहीं

लेखक की कलम से : जनता की नजरों में योगी सरकार की ‘रेटिंग’ अच्छी नहीं

अफरशाही के सहारे उत्तर प्रदेश की ‘तकदीर और तस्वीर’ बदलने का सपना देख रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मिशन में कितना कामयाब या नाकामयाब रहे यह तो वह ही जानें, लेकिन आमजन की नजर में प्रदेश के विकास और कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की ‘रेटिंग’ बहुत अच्छी नहीं है। 

17-Sep-2020

लेखक की कलम से : तो तैयार है भारत चीन से वार्ता और जरूरत पड़े तो दो-दो हाथ करने को भी

लेखक की कलम से : तो तैयार है भारत चीन से वार्ता और जरूरत पड़े तो दो-दो हाथ करने को भी

लोकसभा में विगत 15 सितंबर को भारत-चीन के बीच चल रहे मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों पर चर्चा और 56 साल पहले 14 अप्रैल, 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद हुई बहस में जमीन-आसमान का अंतर है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव पर चीन को साफ शब्दों में सन्देश दे दिया कि भारत भी पूरी तरह से तैयार है। अगर ड्रैगन सीमा पर कोई हरकत करेगा तो हमारे जवान उसे माकूल जवाब भी देंगे। सेना के लिए विशेष अस्त्र-शस्त्र और गोला बारूद की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। उम्मीद है कि नए भारत का यह अंदाज चीन को समझ में आ जाना चाहिए ।

17-Sep-2020

लेखक की कलम से : कितने दूध के धुले हैं उमर खालिद

लेखक की कलम से : कितने दूध के धुले हैं उमर खालिद

दिल्ली में इसी साल फरवरी में भड़काए गए दंगों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू)के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को अन्ततः गिरफ्तार कर ही लिया है। यह गिरफ्तारी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत की गई है।

15-Sep-2020

14 सितम्बर खास लेखक की कलम से : आओ मिलें हिन्दी के अनाम सेवियों से

14 सितम्बर खास लेखक की कलम से : आओ मिलें हिन्दी के अनाम सेवियों से

डीएमके पार्टी की सांसद कनिमोझी करुणानिधि को तो हिन्दी विरोध का कोई न कोई बहाना चाहिए होता है । पर आम और खास तमिल और बाकी समस्त दक्षिण भारतीय जनता तो हिन्दी को मन से और ह्रदय से अपनाने लगी हैं।

13-Sep-2020

लेखक की कलम से : अर्श से फर्श पर गिरना चंदा कोचर का

लेखक की कलम से : अर्श से फर्श पर गिरना चंदा कोचर का

सच में जब समाज और देश के कोई सम्मानित और प्रतिष्ठित नायक किसी गलत कृत्य के कारण फंसते हैं, तो उनके प्रशंसकों का मन उदास हो जाता है। उनके गलत कामों से उनके चाहने वाले और उनसे प्रेरणा लेने वाले हजारों-लाखों लोग अपने को ठगा सा महसूस जरूर करते हैं।

09-Sep-2020

आक्रामक भारत को भी अब देख ले चीन

आक्रामक भारत को भी अब देख ले चीन

भारत के नए और आक्रामक तेवर को भी देख रहा चीन। उसे अब अच्छी तरह से समझ आ रहा है कि अब भारत भी उसकी गर्दन में हाथ डालकर जमीन में गिराने का जज्बा और शक्ति रखता है।

06-Sep-2020

लेखक की कलम से : कोरोना काल में उप-चुनाव भाजपा के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ होगी अपने वोटरों को घर से बाहर निकालना  

लेखक की कलम से : कोरोना काल में उप-चुनाव भाजपा के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ होगी अपने वोटरों को घर से बाहर निकालना  

कोरोना काल के बाद बने सियासी हालात और विपक्षी दलों द्वारा जातिवाद को गर्माने का नफा-नुकसान भी उप-चुनाव में देखा जाएगा। बीते वर्ष 11 सीटों पर हुए उप-चुनाव में भाजपा की तरफ से स्टार प्रचारक के रूप में सिर्फ योगी ने ही प्रचार किया था, जबकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की तरफ से प्रचार करने के लिए अखिलेश-मायावती आदि कोई दिग्गज नेता मैदान में नहीं उतारा था। इस बार देखने है क्या नजारा रहता है।

05-Sep-2020

आ गई अब मर्दों के लिए बिकिनी, ONLINE बिक्री शुरू, जानें कीमत

आ गई अब मर्दों के लिए बिकिनी, ONLINE बिक्री शुरू, जानें कीमत

अब तक आपने महिलाओं के लिए बिकिनी के बारे में देखा सुना था लेकिन अब पुरुषों के लिए भी बिकिनी आ गई है जिसे ब्रोकिनी नाम दिया गया है। पुरुषों के लिए ये बिकिनी वन शोल्डर वाला है

05-Sep-2020