अप्रैल से बढ़ जाएंगी मोटरसाइकल और स्कूटर की कीमतें
ये नियम 31 मार्च 2018 के बाद लॉन्च होने वाले टू वीलर्स पर लागू होंगे।


नई दिल्ली : हीरो मोटोकॉर्प, होंडा, यामाहा, बजाज, सुजुकी, रॉयल एनफील्ड सरीखी टू वीलर निर्माता कंपनियां मोटरसाइकल्स और स्कूटर्स की कीमतों में अप्रैल 2018 से इलाफा कर सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार टू वीलर्स में सीबीएस यानी कॉम्बी ब्रेकिंग सिस्टम को अनिवार्य कर रही है। यह नियम 125सीसी से कम इंजन वाली बाइक्स पर लागू होगा। इसके साथ ही 125सीसी इंजन से अधिक वाली बाइक्स में एबीएस देना भी अनिवार्य हो जाएगा। 

ये नियम 31 मार्च 2018 के बाद लॉन्च होने वाले टू वीलर्स पर लागू होंगे। यही वजह है कि भारत में ज्यादातर स्कूटर्स और मोटरसाइकल्स में एबीएस दिया जाने लगा है। इन फीचर्स के अनिवार्य होने के साथ ही वाहन की कीमत में इजाफा होना भी लाजिमी है। 

उदाहरण के तौर पर देखें तो रॉयल एनफील्ड पहले से ही यूरोपियन बाजार में एबीएस से लैस मोटरसाइकल्स एक्सपोर्ट करती है। यहां तक कि Himalayan BS4 को भी यूरोप में एबीएस के साथ ही निर्यात किया जाता है। ऐसे में सीबीएस और एबीएस फीचर्स को भारतीय बाइक्स में भी आसानी से आॅफर किया जा सकता है। एबीएस के मोटरसाइकल में जुड़ने से कीमत 10 हजार से 20 हजार रुपए तक बढ़ जाती है। सीबीएस इसके मुकाबले काफी हद तक सस्ता है। इसके लगने से कीमत में 1,000 रुपए से 2,000 रुपए तक का इजाफा होता है। 

होंडा के ऐक्टिवा रेंज स्कूटर्स में सीबीएस पहले से ही दिया जाता है। सिंगल ब्रेक लीवर प्रेस करने पर सीबीएस फ्रंट और रियर ब्रेक्स को ऐक्टिवेट कर देता है। इससे ब्रेक और भी ज्यादा मजबूत हो जाता है और वाहन के फिसलने की आशंका भी कम होती है। एबीएस यानी ऐंटी लॉकिंग ब्रेकिंग सिस्टम। इसमें ब्रेक्स लॉक हो जाते हैं। यह सिस्टम बरसात के मौसम में काफी कारगर साबित होता है। चिकनी सड़क पर एबीएस गाड़ी को तेज स्पीड में ब्रेक लगाने पर भी फिसलने से बचाने में मददगार है। 

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