अब विदेश दौरे के हवाई टिकटों पर भी सब्सिडी देने पर विचार
इसे लागू करने के लिए पड़ोसी देशों के साथ द्वीपक्षीय समझौते के जरिए अपने-अपने हवाई अड्डों पर स्लॉट्स तय करने होंगे।


नई दिल्ली : उड़े देश का आम आदमी (UDAN) यानी उड़ान कार्यक्रम को मिली सफलता से उत्साहित केंद्र सरकार अब इसका विस्तार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक करना चाहती है। सरकार अपनी मंशा में कामयाब होती है तो आपका विदौश दौरा भी सस्ते में संभव हो सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार अब देश के छोटे-छोटे शहरों से पड़ोसी देशों की हवाई यात्रा के टिकटों पर सब्सिडी देने की रूपरेखा तैयार कर रही है।

सिविल एविएशन सेक्रटरी आर. एन. चौबे ने विंग्स ऑफ इंडिया 2018 समिट में गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'उड़ान प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल इंटरनैशनल कनेक्टिविटी के लिए करने में राज्य सरकारों को सक्षम बनाने पर विचार किया जा सकता है।' अभी उड़ान स्कीम में अभी छोटे-छोटे कस्बों और दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार चुनिंदा रूटों के लिए एयरलाइंस कंपनियों को सब्सिडी दे रही है। इन रूटों पर एक निश्चित किराये पर उड़ान की सुविधा दी जा रही है। हालांकि, उड़ान स्कीम के इंटरनैशनल वर्जन के लिए राज्य सरकारों को सब्सिडी देना होगा जबकि केंद्र सरकार बोलियां मंगवाने में मदद करेगी। नागरिक उड्डन सचिव आर. एन. चौबे ने यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि यह सरकार को तय करना है कि क्या वे किराया फिक्स कर देंगे, जैसा कि कहा जा रहा है या फिर दूसरा रास्ता निकालेंगे। चौबे ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट के राज्य असम ने उड़ान वर्जन 2.0 को लपक लिया है और उसने इस योजना में भाग लेनेवाली एयरलाइंस कंपनियों के लिए तीन साल तक 100 करोड़ रुपये आविंटत कर दिए हैं। असम सरकार की योजना की जानकारी 18 जनवरी को ही दे दी थी। 

चौबे ने कहा कि सरकार को उड़ान स्कीम के इंटरनैशनल वर्जन पर अभी काम करना है। इसे लागू करने के लिए पड़ोसी देशों के साथ द्वीपक्षीय समझौते के जरिए अपने-अपने हवाई अड्डों पर स्लॉट्स तय करने होंगे। 

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