जेट एयरवेज: 1 अप्रैल से काम नहीं करेंगे एक हजार पायलट
जेट एयरवेज पर 26 बैंकों का 8 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज है


मुंबई : संकट में फंसी निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज पर मंडरा रहे संकट के बादल छंटते नहीं दिख रहे हैं। अब उसके एक हजार से अधिक पायलटों ने एक अप्रैल से विमान नहीं उड़ाने के अपने फैसले पर अडिग रहने का निर्णय किया है। 

पायलटों ने यह निर्णय ऐसे समय किया जब एयरलाइन शुक्रवार को बैंकों से धन प्राप्त करने में नाकाम रही। जेट एयरवेज के करीब 1100 पायलटों के प्रतिनिधित्व का दावा करने वाले संगठन ‘नैशनल ऐविएटर्स गिल्ड’ ने पिछले हफ्ते ऐलान किया था कि अगर उनके बकाए वेतन का भुगतान नहीं किया गया और 31 मार्च तक पुनर्जीवन योजना पर स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती है तो वे एक अप्रैल से विमान नहीं उड़ाएंगे। इसके कुछ दिन बाद, ऋण से उबारने की योजना के तहत एयरलाइन प्रबंधन एसबीआई नीत बैंक संघ के हाथों में चला गया था। 

इससे पहले नरेश गोयल ने जेट एयरवेज के बोर्ड और चेयरमैन पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन कंपनी की राह केवल उनके इस्तीफे से आसान नहीं होने वाली। प्रतिद्वंद्वी विमानन सेवा कंपनियों स्पाइसजेट और इंडिगो प्राइस वॉर को जारी रख सकती है। ऐसे में आने वाले समय में जेट में कई और संकट खड़े होंगे। 

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