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जीएसटी की वजह से बंगाल सरकार को 27000 हजार करोड़ का  राजस्व आय
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा लगातार वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) का विभिन्न जरिए से विरोध करते रहे हैं


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा लगातार वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) का विभिन्न जरिए से विरोध करते रहे हैं, लेकिन राज्य वित्त विभाग की रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार का राजस्व जीएसटी की वजह से उल्लेखनीय तौर पर बढ़ा है। 

वित्त वर्ष 2018-19 की अंतिम रिपोर्ट बंगाल सरकार ने तैयार की है। इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार पर कार्य का भारी दबाव और तय से अधिक खर्च के बावजूद राज्य सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह है जीएसटी की वजह से राज्य सरकार को हुई आय। वित्त विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 के प्रस्तावित बजट में पश्चिम बंगाल सरकार ने जीएसटी से 13000 करोड़ रुपये की आमदनी का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अब जब अंतिम रिपोर्ट तैयार हुई है तो पता चला है कि राज्य सरकार को इसकी वजह से 27 हजार करोड़ रुपये की आय हुई है जो सरकार के अनुमान से 14000 करोड़ अधिक है। इसमें इस बात का भी जिक्र किया गया है कि पश्चिम बंगाल से वसूले गए जीएसटी का 42 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को वापस मिला है। 

हाल ही में संपन्न हुए वित्त वर्ष के दौरान इनकम टैक्स, कारपोरेट टैक्स इत्यादि के जरिए पश्चिम बंगाल सरकार को 56000 करोड़ रुपये केंद्र से वापस मिले हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2018-19 में कर संग्रह से पश्चिम बंगाल सरकार को कुल 116000 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसमें से जीएसटी और अन्य केंद्रीय कर से कुल 83000 करोड़ रुपये की आमद हुई है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं में 25 हजार 809 करोड़ रुपये आवंटित की है। इस साल जीएसटी लागू होने का दूसरा साल पूरा हो चुका है। विशेषज्ञों का दावा है कि आगामी तीन सालों तक राज्य और केंद्र की कर से होने वाली आय में 14 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

बताया गया है कि नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद से देश भर में करदाताओं की संख्या बढ़ी है। समय पर कर का भुगतान भी हो रहा है जिसकी वजह से उल्लेखनीय तौर पर राजस्व आय हो रही है। राज्य को भी इसका व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद आगामी दिनों में है। इसके बाद ऐसी भी संभावना है कि पश्चिम बंगाल सरकार पर कर्ज का बड़ा हिस्सा आसानी से चुकाया जा सकेगा। बंगाल सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद जीएसटी की वजह से है। राज्य सरकार की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बजट में 17739 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका व्यक्त की थी जो घटकर 6734 करोड़ रुपये पर आ गया है। इसकी वजह जीएसटी की वजह से हुई आय है।

इसी तरह से राजकोष में 45,000 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा तैयार किया गया था जो वित्त वर्ष पूरा होने पर मात्र 28000 करोड़ रुपये है। हालांकि इस रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि वित्त वर्ष में जिस परिमाप में व्यय की उम्मीद की गई थी उसमें 12000 करोड़ रुपये कम खर्च हुए हैं। इसके अलावा खर्च का बड़ा हिस्सा कर्ज का ब्याज देने में खर्च हुआ है । 

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