मांग घटने और पर्याप्त स्टॉक से खाद्य तेल कीमतों में गिरावट
खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट आई


नई दिल्ली : उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति बढऩे के मुकाबले फुटकर विक्रेताओं के साथ साथ वनस्पति मिलों की कमजोर मांग के कारण बीते सप्ताह दिल्ली के थोक तेल तिलहन बाजार में कमजोरी का रख दिखाई दिया और खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट आई।

उपभोक्ता उद्योगों का उठान कम होने के कारण अखाद्य तेल खंड में अलसी तेल की कीमत में भी गिरावट आई। बाजार सूत्रों ने कहा कि फुटकर विक्रेताओं और वनस्पति मिलों की मांग में गिरावट के अलावा उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति बढऩे के कारण पर्याप्त स्टॉक होने से मुख्यत खाद्य तेल कीमतों पर दबाव रहा।

राष्ट्रीय राजधानी में मूंगफली मिल डिलीवरी तेल गुजरात की कीमत 400 रुपये की भारी गिरावट के साथ 13,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। जबकि मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल की कीमत 30 रुपये की गिरावट के साथ 1,950 .. 2,000 रुपये प्रति टिन रह गई।

सरसों एक्सपेलर दादरी तेल की कीमत 100 रपये की गिरावट के साथ 8,750 रपये प्रति क्विंटल रह गई। सरसों पक्की और कच्ची घानी की कीमतें 15-15 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश 1,400-1,445 रपये और 1,450-1,550 रुपये प्रति टिन रह गई।

पामोलीन आरबीडी और पामोलीन कांडला की कीमत भी 50-50 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश 6,100 रुपये और 6,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। जबकि कच्चा पाम तेल एक्स$कांडला की कीमत 4,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही।

सोयाबीन रिफाइंड मिल डिलीवरी इंदौर और सोयाबीन देगम कांडला तेल की कीमत भी 50 .. 50 रुपये की गिरावट दर्शाती क्रमश 6,800 रपये और 6,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुई। पेन्ट उद्योगों की मांग में गिरावट के कारण अखाद्य तेल खंड में अलसी तेल की कीमत 50 रुपये की गिरावट के साथ 9,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गई।       

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