GST आने से महज 40 रुपए में मिलेगा मूवी का मजा
सरकार ने GST के रेट रिवाइज करने के दौरान 100 रूपए तक के सिनेमा टिकट पर जीएसटी की दरें 28% से घटा कर 18% कर दीं।


नई दिल्ली : अगर दिल्ली-एनसीआर के सिनेमा मालिकों ने अगले शुक्रवार को रिलीज हो रही सलमान खान स्टारर मेगा बजट फिल्म 'ट्यूबलाइट' की टिकट दरों में बढ़ोतरी नहीं की, तो आप शालीमार गार्डन स्थित मिराज मल्टिप्लेक्स ग्रुप के एम 4 यू सिनेप्लेक्स में सिर्फ 40 रूपए में अपनी पसंदीदा फिल्म देख पाएंगे। वहीं दिलशाद गार्डन से सटे गगन सिनेप्लेक्स में भी GST लागू होने के बाद पहली जुलाई से टिकट का रेट घटकर मेन हॉल में 40 रूपए तो बालकनी की टिकट 55 रूपए का होगा। यानी, अगर दिल्ली के सिनेमाघर मालिकों ने चाहा तो दिल्लीवालों को भी साउथ के सिनेमाघरों की तरह कम दाम में अपनी पसंदीदा फिल्में देखने का मौका मिलेगा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों सरकार ने GST के रेट रिवाइज करने के दौरान 100 रूपए तक के सिनेमा टिकट पर जीएसटी की दरें 28% से घटा कर 18% कर दीं। इसका सीधा फायदा दिल्ली-एनसीआर के मल्टिप्लेक्सों और सिंगल स्क्रीन्स में भी मिलेगा। फिलहाल, दिल्ली में एंटरटेनमेंट टैक्स की दरें 40%, यूपी में 40 से 50% और हरियाणा में 30% हैं। लेकिन जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद इन सभी राज्यों में सिनेमा टिकटों पर जीएसटी 18 से 28% के बीच हो जाएगा, तो इसका सीधा असर दिल्ली और इससे सटे दोनों राज्यों के सिनेमाघरों पर पड़ेगा। दिल्ली मोशन पिक्चर असोसिएशन के प्रवक्ता साक्षी मेहरा के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुडगांव और फरीदाबाद के लगभग सभी मल्टिप्लेक्सों में सुबह के शोज के टिकट प्राइस 100 रूपए से कम हैं, तो शाम और रात के टिकट रेट 700 रूपए तक हैं। ऐसे में एक जुलाई से जहां दिल्ली के ज्यादातर मल्टिप्लेक्सों में सुबह के शो के लिए टिकट रेट 70 से 80 के बीच होंगे, वहीं शाम और रात के शोज के लिए दर्शकों को मौजूदा टिकट रेट में सिर्फ 12% कटौती ही मिलेगी। यानी गोल्ड, प्रीमियम और डायरेक्टर कट जैसे ए ग्रेड थिअटरों पर टिकट रेट में औसतन 60 से 90 रूपए तक की ही कटौती हो पाएगी।

दाम बढ़ाना है मजबूरी!
सिनेमा बिजनेस से जुड़े आशीष मित्तल का मानना है कि 100 रूपए तक की टिकट पर टैक्स कटौती के बाद मल्टिप्लेक्स इंडस्ट्री को झटका लग सकता है। वह कहते हैं, 'मल्टिप्लेक्स थिअटरों के रखरखाव का खर्च सिंगल स्क्रीन थिअटरों से कहीं ज्यादा होने से वहां टिकट दरों को महंगा रखना मजबूरी है। वहीं मल्टिप्लेक्सों में लेटेस्ट तकनीक, स्टाफ मेम्बर्स की ज्यादा सैलरी के साथ दूसरे खर्चे सिंगल स्क्रीन थिअटरों के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। ऐसे में GST के तहत 100 रुपए तक की टिकट दर पर टैक्स घटाने से मल्टिप्लेक्सों का बिजनेस प्रभावित हो सकता है, क्योंकि मल्टिप्लेक्स में आने वाले दर्शक सभी ए क्लास सुविधाएं चाहते हैं।' 

वहीं नार्थ दिल्ली के जी3एस मल्टिप्लेक्स ग्रुप के एमडी सतीश गर्ग को लगता है कि सुबह और दोपहर के शोज में यंग क्राउड को थिअटर तक लाने में टैक्स कटौती का फंडा कारगर साबित होगा। बकौल सतीश, 'फिलहाल 40% एंटरटेनमेंट टैक्स के बावजूद दोपहर बारह बजे तक के शोज में कई मल्टिप्लेक्स की टिकट की प्राइस 100 रूपए से 130 रूपए के बीच है। ऐसे में एक जुलाई से टैक्स कटौती के बाद यह प्राइस 75 रूपए से 95 रूपए के बीच हो सकता है। वहीं 100 रूपए से ज्यादा टिकट प्राइस में औसतन 15 रूपए से 150 रूपए तक की कटौती हो जाएगी।

पीवीआर समूह से जुड़े विक्रम सेठी के मुताबिक आज भी हमारे कई मल्टिप्लेक्सों में सुबह के शो की टिकट 80 रूपए की है और इनमें 40% टैक्स भी शामिल है। बेशक, 18% GST लागू होने के बाद इन कीमतों में औसतन 22% की कटौती हो सकती है। वहीं सिनेमा मालिकों की संस्था एनएमपीईए के प्रवक्ता शशांक रायजादा कहते हैं, 'हमारे लिए टिकट प्राइस को राउंड फिगर में रखना जरूरी है, जिससे टिकट काउंटर पर दर्शकों और बॉक्स आफिस में बैठे बाबू के बीच टकराव ना हो। ऐसे में, टैक्स कटौती के बाद जरूरी नहीं है कि दर्शकों को इस कटौती का पूरा फायदा यानी 12 से 22% की छूट मिले। हमारे लिए ऐडमिशन रेट में बदलाव करना मजबूरी है।' वहीं, दिल्ली सिने दर्शक परिषद के सदस्यों को लगता है कि सिनेमा मालिक अभी से अपने टिकट प्राइस बढ़ाने में लग गए है, ताकि टैक्स छूट का फायदा दर्शकों को ना मिले। दिल्ली सिने दर्शक परिषद के महासचिव रमेश बजाज कहते हैं कि इस बारे में हमने फाइनैंस मिनिस्टर को पत्र लिखकर टैक्स में मिली छूट का पूरा फायदा दर्शकों को दिलाने की मांग की है।

जीएसटी के बाद संभावित टिकट रेट
एसआरएस फरीदाबाद : 38 रुपए
एम 4 यू : 40 रुपए
अभिषेक सिनेप्लेक्स : 45 रुपए
स्टार एक्स वैशाली : 60 रुपए
स्पाइस नोएडा : 70 रुपए
डिलाइट : 65 रुपए
जैम इंद्रापुरम : 75 रुपए

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