बासमती चावलों के एक्सपोर्ट को EU का झटका, पाक को फायदा
बासमती चावल में फंफूदीनाशक इस रसायन के अवशिष्ट के अनुपात को अचानक शून्य के स्तर पर लाना संभव नहीं है।


नई दिल्ली : चावल निर्यातकों के संगठन एआईआरईए ने बुधवार को कहा कि यूरोपियन यूनियन के कड़े नियमों से भारत का बासमती एक्सपोर्ट बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इससे करीब 1,700 करोड़ रुपये का कारोबार पाकिस्तान के पास जा सकता है। एआईआरईए ने यह बात ऐसे समय पर कही है, जबकि बासमती के मानकों का मसला सुलझाने के लिए भारतीय डेलिगेशन यूरोपियन यूनियन जाने वाला है।

ईयू ने हाल में जो नियम जारी किए हैं, उसके तहत अगले साल से बासमती चावल में फंफूदीनाशक, रसायन ट्रायसिक्लाजोल की अधिकतम स्वीकृत सीमा घटा कर 0.01 मिग्रा प्रति किलो कर दी गई है। ऐसा सभी देशों के लिए किया गया है। एआईआरईए के अध्यक्ष विजय सेतिया ने कहा, 'यूरोपीय संघ ने ट्रायसिक्लाजोल के मुद्दे पर भारतीय बासमती के आयात पर पाबंदी लगा दी है।' 

उन्होंने कहा कि बासमती चावल में फंफूदीनाशक इस रसायन के अवशिष्ट के अनुपात को अचानक शून्य के स्तर पर लाना संभव नहीं है। भारत सरकार के दल का इस मुद्दे पर बात करने के लिए 12 जुलाई को ब्रसल्ज, बेल्जियम का दौरा करने का कार्यक्रम निर्धारित है। बासमती चावल की दो सुगंधित किस्में पीबी वन और 1401 का अधिकतम निर्यात यूरोपीय संघ को किया जाता है।

अधिक बिज़नेस की खबरें