माडलिंग के बेस पर खादी को प्रमोट करना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि : डॉ रीमा
DR Reema


पायनियर एलायंस की मुहीम ‘अपना देश, अपना खादी’ में आज मिलिए मिस रीमा से. जो हाल ही में मिस इंडिया खादी फैशन शो में जम्मू कश्मीर की तरफ ‘मिस खादी जम्मू कश्मीर’ बनी है. पेश है खादी के कपड़ों पर उनसे हुई बात-चीत का ब्यौरा...

 

सवाल : खादी के कपड़ो को प्रमोट  आप किस तरह कर रही है

 

जवाब : सबसे पहले मैं आपको ये बता दूँ कि बाई प्रोफेशन मैं एक डाक्टर हूँ और मुझे 2 साल हो गया माडलिंग करते हुए और बहुत सारे फैशन डिजाईनर्स मेरे फ्रेंड है जो मेरे खाने से खादी को प्रमोट करने के लिए तैयार है. उन्होंने काफी तैयारी की है इसे प्रमोट करने की और जल्दी हो वो शो में भी आ रहे है. बाम्बे में भी हमारे बहुत से फ्रेंड्स जिनके थ्रो मै इसे प्रमोट करुँगी.

 

सवाल : आपकी समझ मे खादी के कपड़ों व अन्य कपड़ों में क्या बेसिक फर्क है ?

 

जवाब : इसमें फर्क ये है कि खादी के कपड़ों की जो परत होती है वो थोड़ी खुरदरी होती है और ये मौसम फ्रेंडली कपडें होते है. मतलब गर्मी में ये आपको ठंडक का अहसास देते है और ठंडक में ये आपको गर्मी का. बाकी अन्य कपड़ों का तो आपको पता ही है.


 

सवाल : क्या सिर्फ खादी के कपड़ें आज दौर में बिजनेस का माध्यम बन सकते है

 

जवाब : कोशिश करने से बन सकते है. पर समय जरुर लगेगा. क्योकि अभी खादी का कोई ऐसा ख़ास स्कोप है नहीं और पहली बार कोई ऐसा शो आयोजित हो रहा है जो खादी के कपड़ों के बारें में बता रहा उसे प्रमोट कर रहा है. तो एकल तरह से हम कह सकते है कि खादी के कपडें समय के साथ ही बिजनेस का मजबूत माध्यम बनेगे.

 

सवाल: क्या आपको लगता है कि पीएम के खादी फार नेशन के आने के बाद फैशन में कुछ परिवर्तन हुआ है

 

जवाब : बिलकुल हुआ है. जब से PM का खादी फार नेशन आया है उसके बाद से खादी डिज़ाइनिंग में काफी बदलाव आया है जिसके चलते आज ये धीरे-धीरे ही सही पर फैशन के ट्रेंड में आ रहा है. ये देखने में इतने खूबसुरत लगते है हर किसी का दिल अब इन पर धीरे-धीरे आ रहा है. और इसकी सबसे खास बात ये है कि ये मोस्टली हैण्ड मेड होते है और बहुत ही कम्फर्टेबल होते है तो हम कह सकते है कि पीएम के खादी फार नेशन के आने के बाद फैशन के आने के बाद से फैशन के ट्रेंड में बदलाव हो रहे है.

 

सवाल : आज मिस इंडिया खादी 200से अधिक यूनिवर्सिटी में  और 500 डिजाइनर्स के साथ काम कर चुका है इसका कितना फायदा हुआ खादी और विलेज इंडस्ट्री को?

 

जवाब : फ़ायदा तो इसका बहुत जयादा हुआ है. अगर ऐसे ही चलत रहा तो धीरे-धीरे हमारा खादी पूरे विश्व में अपना परचम लहरायेगा. फिलहाल अभी तीन ऐसे देश है जहाँ खादी देखि जाती है या खरीदी जाती है. जो हमारे लिए एक अच्छी शुरुवात है. इसी तरह धीरे-धीरे हम विश्व के अन्य देशों में भी अपनी पहचान को बनायेंगे. 

 

सवाल : मिस खादी इंडिया में पार्टिसिपेट करके कैसा लग रहा है

 

जवाब : बिल्कुल बहुत अच्छा लग रहा है. एक जिम्मेदारी का अहसास होता है. माडलिंग के बेस पर खादी को प्रमोट करना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. और कोशिश करुँगी की मै मिस इंडिया खादी कंपीटिशन जीतों.     


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