कभी चेहरे के दाग देखकर रिजेक्ट कर दिए गए थे ओम पुरी, बाद में ली अमिताभ बच्चन की जगह
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ओमपुरी...नाम तो सुना होगा. मगर शायद आप ये नहीं जानते होंगे कि ओम पुरी के जन्म की तारीख के बारे में उनके परिवार में किसी के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं थी. उनकी मम्मी ने उन्हें ये जरूर बताया था कि वह दशहरे से दो दिन बाद पैदा हुए थे. जब ओम पुरी का स्कूल में दाखिला हुआ, तो उन्होंने अपना जन्मदिन लिखवाया 9 जनवरी 1950. इसके बाद जब वह मुंबई आए, तो उन्होंने जन्म की तारीख को बदलकर 18 अक्टूबर कर लिया. ये तारीख उन्होंने अपनी मां की बताई हुई तिथि के अनुसार तय की. इस तारीख को मानते हुआ आज सिनेमा की दुनिया भी उन्हें याद कर रही है,क्योंकि आज है उनका जन्मदिन. वो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके चेहरे से होकर गुजरे इतने किरदार सिनेमाई दुनिया में अपनी जगह बनाए हुए हैं कि उन्हें भुलाना आसान नहीं है.

उनके चेहरे ने उनके एक्टर बनने के रास्ते में कई बाधाएं भेजीं, लेकिन मेहनत और अदाकारी के हुनर ने उन्हें वहां पहुंचाया, जहां आज उनका हर एक किरदार उनके चेहरे में सिमटा और हमेशा के लिए कैद हो गया नजर आता है.

सात साल की उम्र में आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें चाय की दुकान पर काम करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने ढाबे पर भी नौकरी की. बचपन में ओम पुरी जिस मकान में रहते थे उससे पीछे एक रेलेवे यार्ड था. बताया जाता है कि उन दिनों रात के समय ओम पुरी अकसर घर से भागकर किसी ट्रेन में सोने चले जाते थे. उन्हें ट्रेन से काफी लगाव था और वह बड़े होकर एक रेलवे ड्राइवर बनना चाहते थे.

1973 में पुरी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया और उन्हें साथ मिला नसीरुद्दीन शाह का. दोनों अच्छे दोस्त बने और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में भी साथ ही रहे.

उनके चेहरे की वजह से FTII में उन्हें लगभग रिजेक्ट कर दिया गया था. उनके चेहरे को देखकर कहा गया था कि ना वो हीरो लगते हैं, ना विलेन, ना कॉमेडियन उनका सिनेमा में कुछ नहीं हो सकता. लेकिन उस वक्त FTII के डायरेक्टर रहे गिरिश कर्नाड की वजह से उनका सेलेक्शन हो गया.

ओम पुरी ने मराठी फिल्म घासीराम कोतवाल से सन् 1976 में फिल्मी दुनिया में डेब्यू किया. फिर वो दौर भी आया जब हिंदी सिनेमा में ओम पुरी अमिताभ बच्चन का रिप्लेसमेंट बने.

गोविंद निहलानी की फिल्म अर्धसत्य के लिए सबसे पहले अमिताभ बच्चन का नाम सामने आया था. मगर बिजी शेड्यूल की वजह से अमिताभ इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए.

गोविंद की दूसरी च्वॉइस बने ओम पुरी. इस फिल्म के जरिये ओम पुरी ने अपने करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस दी. बॉलीवुड के अलावा ओम पुरी ने 'ईस्ट इज ईस्ट’, ‘वुल्फ’, ‘द घोस्ट’, ‘सिटी ऑफ ज्वॉय’ और ‘डार्कनेस’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया और नाम कमाया.

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