टीनएज बच्चों को भूलकर भी न कहें ये 6 बातें
टीनएज बच्चों को भूलकर भी न कहें ये 6 बातें


बच्चों की परवरिश करना पेरेट्स के लिए सबसे मुश्किल काम होता है। खासकर बच्चे जब टीनएज में आते है तो उन्हें और उनकी बातों को समझना सबसे मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चों के पढ़ाई पर ध्यान न देने या कोई गलत काम करने पर आप उन्हें डांट देते है, जिससे कि बच्चें उन्हें नैगिटिव तरीके से ले लेते है। आज हम आपको आपके द्वारा कही जाने वाली ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बताने जा रहें है, जोकि बच्चों के ऊपर नाकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। आइए जानते है ऐसी कुछ बातें जो आपको टीनएज बच्चों से नहीं बोलनी चाहिए।
 

1. जब मैं तुम्हारी उम्र की थी...
अपने टीनएज बच्चें से कभी ये न कहें कि जब में तुम्हारी उम्र की थी तो में आज्ञाकारी और संस्कारी थी। कुछ बच्चे ऐसी बातों को सुनकर सोचते है कि शायद आप उन्हें ताना दे रहें हो और वो इस बात को नैगिटिव तरीके से ले लेते है।


2. तुम्हारी बातों के लिए मेरे पास वक्त नहीं
अगर बच्चे आप से कुछ बात करना चाहते है तो उनकी बात को सुनकर समझने की कोशिश करें, न कि उन्हें कहें कि मेरे पास तुन्हारी बातों के लिए समय नहीं है। अक्सर पेरेंट्स बच्चों की बातों को बेफिजूल समझ कर उन्हें सुनना पसंद नहीं करते।
 

3. उससे कुछ सीखो...
अपने बच्चों की तुलना कभी किसी से न करें। उनसे ये भूलकर भी न कहें कि उससे कुछ सीखो। किसी और से अपनी तुलना को सुनकर बच्चों का आत्मविश्‍वास कमजोर हो जाता है।


4. एक दिन तुम पछताओगे
अक्सर पेरेंट्स बच्चों को गुस्से में बोल देते है कि मेरी बात नहीं सुनोगे तो एक दिन पछताओं। मगर कभी अपने बच्चों से ऐसी बात न कहें। आपका टीनएज बच्चा ऐसी बात को समझ नहीं पाएगा और आपके ऐसा कहने से उसे गुस्सा आएगा।
 

5. तुम्हारी वजह से हमें शर्मिंदा होना पड़ा
कई बार किसी पार्टी या फंक्शन में बच्चे कुछ गलत कर देते है। ऐसे में आप उन्हें सबके सामने ही डांटने लग जाते है और गुस्से में उन्हें ऐसे शब्द बोल देते है। मगर ऐसे शब्दो से उनके आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचती है। इससे वो डिप्रैशन की शिकार भी हो सकते है।


6. तुम हर फैसला गलत लेते हो
बच्चों को उनकी गलतियों पर टोकना सही है लेकिन उन्हें कभी यह न कहें कि तुम हमेशा गलत फैसला लेते हो। इससे उनके विश्वास कमजोर होगा वो आप से बातें भी छुपाने लग सकते है।

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