वजन घटाना है तो आजमाएं जापान की ये वॉटर थेरेपी
कांसेप्ट फोटो


जापानी लोगों की दमकती त्वचा का सीक्रेट है ढेर सारा पानी। यहां पानी पीने की एक थैरेपी है, जिसे 'जापानी वॉटर थैरेपी' के नाम से जाना जाता है।

जापानी वॉटर थैरेपी में जापानी लोग सुबह जागते ही 2-3 गिलास नॉर्मल पानी पीते हैं। उनका मानना है कि ठंडे पानी का सेवन सेहत के लिए सही नहीं है और इसका असर पाचन तंत्र पर भी होता है। आइए जानते हैं जापानी वॉटर थैरेपी -


जापानी लोग सुबह उठने के बाद बिना ब्रश किए पहले पानी पीते हैं। यह पानी कमरे के तापमान या हल्का गर्म होता है। पानी पीने के 45 मिनट बाद ही जापानी लोग नाश्ता करते हैं। सबसे खास बात यह है कि वो एक मील के दौरान सिर्फ 15 मिनट तक खाना खाते हैं और दूसरे मील के बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर जरूर रखते हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो जापानी वॉटर थैरेपी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर कर सकती है। पूरे महीने यदि इस ट्रिक को अपनाया जाए तो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दूर हो सकती है। वहीं इस थैरेपी से टाइप 2 डायबिटीज में भी फायदेमंद है।

इस थैरेपी के दौरान शरीर का कैलोरी इंटेक एकदम कम हो जाता है। जापानी वॉटर थैरेपी को नियमित करने से वजन घटाने में मदद मिलती है। शरीर में पानी की कमी न होने की वजह से दिमागी फंक्शन और अच्छे से चलने लगते हैं, एनर्जी लेवल बढ़ता हैं और ब्ल्ड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है।


पानी के ज्यादा सेवन से शरीर को कई फायदे होते हैं, जैसे कब्ज में राहत, पथरी में आराम और सिरदर्द से छुटकारा मिलता है। कई लोग अपने प्यास को मिटाने के लिए कई तरह के पेय पदार्थ लेते हैं लेकिन ऐसा करने से शरीर में पानी की पूर्ति नहीं होती है। जापानी वॉटर थैरेपी से शरीर में पानी की पूर्ति आसानी से हो जाती है। इस थैरेपी के दौरान कभी भी एक लीटर से अधिक पानी नहीं पीना चाहिए। एक स्वस्थ इंसान की किडनी एक बार में इतना ही पानी संभाल सकती है।

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