खून से नहीं, पसीने और आंसू से पता लगाएं शरीर में डायबिटीज की मात्रा
खून से नहीं, पसीने और आंसू से पता लगाएं शरीर में डायबिटीज की मात्रा


डायबिटीज यानि मधुमेह आजकल आम सुनने को मिलती है। बहुत से लोग इस बीमारी से परेशान है। शरीर में ब्लड शूगर का लेवन कम या ज्यादा होना दोनों ही परेशानी का कारण बनते हैं और समय-समय पर मधुमेह के रोगी को इसकी जांच भी करनी पड़ती है। मधुमेह की जांच अभी तक खून से ही होती है लेकिन यहां डाक्टरों के एक दल ने इस मर्ज की जांच पसीने और आंसू से भी किए जाने का दावा किया है। इन डाक्टरों का दावा है कि सामान्य व्यक्ति की तुलना में मधुमेह से पीडित व्यक्ति के पसीने और आंसू में कुछ अन्तर आ जाता है। विशेषज्ञ मशीन की मदद से इसी अन्तर के जरिए मधुमेह की स्थिति जान लेते हैं। इन डाक्टरों की टीम ने लायन्स क्लब की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में आज जांच शिविर लगाया। जिसमे लगभग 214 लोगो की जांच कर लोगो को इसके नियन्त्रण के तरीके बताए गए। आयोजकों ने हर महीने इसी तरह के शिविर लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि मधुमेह के मरीजों की बढती संख्या को देखते हुए ऐसे आयोजन जरुरी हो गए हैं।  डाक्टरों की टीम मे से एक हृदय रोग विशेषज्ञ डा वी. एस. उपाध्याय ने कहा कि आज के समय में शुगर एक आम बीमारी बन गई है। डायबिटीज हार्मोंस के असंतुलन, मोटापा, जीवनशैली और खान-पान पर नियंत्रण न होने का मिला-जुला नतीजा है। व्यायाम, संतुलित आहार व दवाइयों से डायबिटीज को कंट्रोल मे रखा जा सकता है। डा0 उपाध्याय ने बताया कि अब शुगर चेक करने के लिए शरीर से ब्लड निकालने की आवश्यकता नही पड़ेगी क्योकि अब आंसू व पसीने से शुगर चेक करने की मशीन आ गई है। उन्होंने कहा कि जो बहुत मोटे मरीज है एवं शुगर बहुत हाई रहती है अनकंट्रोल डायबिटीज है ऐसे मरीजों के लिए इंसुलिन पाइप आ गया है, इंसुलिन पाइप पेट के चमड़े में फिट हो जाता है इसमे इंसुलिन की दवा भरी होती है और सेन्सर लगा रहता है, जब भी जितनी मात्रा मे शरीर को इंसुलिन की आवश्यकता होती है इंसुलिन पाइप से आसानी से आवश्यकता पूरी हो जाती है। डा0 उपाध्याय ने कहा कि डायबिटीज के सभी रोगी को हेपेटाइटिस- बी की वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए क्योकि सुई के माध्यम से ही जीवन में कई बार शरीर से खून निकलवाना पड़ता है।

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