ट्रंप ने चिनफिंग को किया फोन, कहा- नॉर्थ कोरिया को समझाइए
नॉर्थ कोरिया ने एक दिन पहले ही अंतर-महाद्वीपीय बलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया है.


वॉशिंगटन : अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के घनिष्ठ मित्र चीन से साफ कहा है कि वह अपने सभी साधनों का इस्तेमाल कर प्योंगयांग को भड़काऊ कदम उठाने से रोके। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से फोन पर बात की। इस दौरान ट्रंप ने शी से कहा कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर नॉर्थ कोरिया को भड़काने वाली कार्रवाई करने से रोकें और उसे परमाणु मुक्त देश बनने की राह पर लौटने को कहें। 

गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया ने एक दिन पहले ही अंतर-महाद्वीपीय बलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया है, जिससे एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है। ट्रंप इससे ज्यादा चिंतित हैं क्योंकि नॉर्थ कोरिया की यह नया मिसाइल अमेरिका में कहीं भी पहुंच सकता है। 

वाइट हाउस के मुताबिक ट्रंप ने कहा है कि नॉर्थ कोरिया सरकार से बढ़े खतरे से निपटने के लिए अमेरिका अपनी सुरक्षा करने के साथ ही अपने सहयोगियों की हरसंभव मदद करेगा। आगे बताया गया कि दोनों नेताओं ने बुधवार को नॉर्थ कोरिया के हालिया मिसाइल लॉन्च पर विस्तार से चर्चा की। मिसाइल सैन नी से दागा गया था और यह 1000 किमी दूर जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गिरा। 

ट्रंप ने ट्वीट कर बताया, 'नॉर्थ कोरिया के भड़काऊ कदम पर अभी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बात की। आज ही नॉर्थ कोरिया पर व्यापक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इस हालात को नियंत्रित किया जाएगा।' 


वाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि नॉर्थ कोरिया को समझाने के लिए चीन को अपने सभी साधनों का इस्तेमाल करने की जरूरत है। इससे पहले मिसाइल लॉन्च के कुछ घंटे बाद ही ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन से भी बात की थी। मिसाइल लॉन्च के कुछ देर बाद ही ट्रंप ने कहा था कि वह इस स्थिति से निपट लेंगे। 

गौरतलब है कि चीन नॉर्थ कोरिया का एकमात्र बड़ा सहयोगी और सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। ट्रंप के कहने पर पेइचिंग ने भी नॉर्थ कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कड़े प्रस्तावों का समर्थन किया है जिससे प्योंगयांग को बातचीत के लिए राजी किया जा सके। 

पेइचिंग में चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नॉर्थ कोरिया के ICBM टेस्ट पर गंभीर चिंता जताई और अपने मित्र से ऐसे कदम नहीं उठाने को कहा, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़े। पेइचिंग ने नॉर्थ कोरिया से यह भी कहा है कि बलिस्टिक मिसाइल तकनीक के इस्तेमाल को लेकर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पूर्ण रूप से पालन करे। 

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