नेपाली प्रधानमंत्री ने चीन के साथ हुए परिवहन-पारागमन संधि लागू करने का लिया संकल्प
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काठमांडू : नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने चीन के साथ हुए परिवहन एवं पारगमन समझौते को जल्द से जल्द लागू करने का संकल्प लिया है. इस कदम का मकसद चारों ओर से जमीन से घिरे देश की भारत पर निर्भरता को कम करना है. प्रधानमंत्री ने चीन के उप विदेश मंत्री वांग याजुन के साथ कल काठमांडो में एक मुलाकात में यह बात कही.

ओली ने कहा कि 2016 में नेपाल और चीन के बीच परिवहन और पारगमन समझौते पर हस्ताक्षर उनके प्रधानमंत्री के प्रथम कार्यकाल के दौरान हुए थे. इसे जल्द अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ नेपाल चारों ओर से जमीन से घिरा हुआ देश है. हम इस समझौते के जरिए समंदर तक अपनी पहुंच को बढ़ाना चाहते हैं.’’ 

बता दें कि इस साल केपी शर्मा ओली 19 जून को पांच दिवसीय यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग के साथ उनकी प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक कर कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे. ली क्विंग और ओली की मुलाकात के बाद इन दोनों देशों ने एक रेलवे लाइन के निर्माण सहित 10 समझौतों पर सहमति बनी हुई. 

तिब्बत में राजमार्ग के इस्तेमाल के बारे में उनके बीच सहमति बनी थी. हॉन्ग-कॉन्ग आधारित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक दोनों देशों ने कल 2. 4 अरब डॉलर के 8 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे. अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओली के साथ वार्ता के दौरान शी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह नेपाल-चीन सीमा सड़क संपर्क को साकार होते देखने को इच्छुक थे.

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