अमेरिका ने पलटी पॉलिसी, समलैंगिक जोड़ों को अब नहीं देगा राजनयिक वीजा
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संयुक्त राज्य अमेरिका अब समलैंगिक जोड़ों को राजनयिक वीजा नहीं देगा. अमेरिका की ओर से कहा गया है कि उन्हें वीजा पाने के लिए कानूनी तौर पर शादीशुदा होना होगा. मंगलवार को ट्रंप प्रशासन ने यह आदेश जारी किया. यह आदेश पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के फैसले का ठीक उलट है. नई नीति पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के ज्ञापन में प्रसारित की गई थी और सोमवार को प्रभावी हुई थी.

ऑनलाइन प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र के ज्ञापन में कहा गया है कि अमेरिकी विदेश विभाग जी -4 वीज़ा जारी नहीं करेगा, जो अंतरराष्ट्रीय संगठनों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए समान लिंग घरेलू भागीदारों के लिए है. इसके साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित राजनयिकों के समलैंगिक जोड़ों  को इस तरह के वीजा के योग्य होने के लिए विवाह का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.

नए नियम 2009 की नीति के उलट हैं जिसे  पूर्व सचिव हिलेरी क्लिंटन ने लागू किया था. इसके जरिए विदेशी राजनयिकों के समलैंगिक साथियों को 'परिवार' परिभाषित किया, इस प्रकार उन्हें राजनयिक वीजा के लिए पात्र बना दिया गया.

मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में वर्तमान में राजनयिक विवाहित होने पर नई आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होंगे. संयुक्त राष्ट्र के ज्ञापन के अनुसार, उन्हें 31 दिसंबर तक शादी का सबूत जमा करना होगा, या 30 दिनों के भीतर  देश छोड़ देना होगा.

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास उन देशों के विदेशी राजनयिकों के समलैंगिक जोड़ों को पहचानने की प्रक्रिया होगी जहां समान-सेक्स विवाह कानूनी नहीं है, बल्कि अमेरिकी जोड़े के साथ रहता है.

नीति परिवर्तन से  संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 105 परिवार प्रभावित होंगे, और उनमें से 55 अंतरराष्ट्रीय संगठनों में हैं. एक दूसरे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवारों के 'बहुत कम' उन देशों से हैं जहां समलैंगिक विवाह अवैध है.

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