जजों के उठाए सवाल बेहद गंभीर: कांग्रेस
जस्टिस लोया की मौत की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर हुई है।


नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने पर कांग्रेस ने कहा है कि जजों के उठाए सवाल बेहद गंभीर हैं और उन पर ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही कांग्रेस ने जस्टिस लोया की मौत के मामले की सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज से जांच की मांग की।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि जजों ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे काफी अहम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना पहली बार हुई है। जजों के सवाल बेहद जरूरी सवाल हैं, उन्हें ध्यान से देखा जाना चाहिए। गांधी ने कहा, 'उन्होंने (चारो जजों) जस्टिस लोया जी की बात भी उठाई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज इसकी जांच करें।' 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया को उस लेटर की कॉपी भी दी, जिसे उन्होंने करीब 2 महीने पहले सीजेआई को लिखा था। लेटर में जज ब्रृजमोहन लोया की मौत मामले का भी जिक्र था। सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज लोया (48) की दिसंबर 2014 में मौत हो गई थी। वह सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले को देख रहे थे। इस हाई प्रोफाइल केस में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत गुजरात के कई बड़े अधिकारी नामजद थे। बाद में उस मामले में अमित शाह बरी हो गए थे। 

जस्टिस लोया की मौत की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर हुई है। वकील अनीता शिनॉय ने इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की हैं। संयोग से शुक्रवार को उनकी जनहित याचिका पर सुनवाई भी थी। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोया की मौत की जांच की मांग वाली याचिका की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। इस मामले में शीर्ष अदालत में सोमवार को अगली सुनवाई होगी। बता दें कि अंग्रेजी मैगजीन 'द कैरवां' में जस्टिस लोया की मौत पर परिवार के संदेह को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट के बाद देश के कई हिस्सों में जस्टिस लोया की मौत पर सवाल उठने लगे थे। 


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