'कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए भारत को पहले समझनी होगी PAK-चीन की चाल'
File Photo


नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के हालात बदतर हो रहे हैं. घाटी से रोजाना अशांति की खबरें आ रही हैं. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में शांति बहाली के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार, केंद्र सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच त्रिपक्षीय बातचीत की इच्छा जाहिर की है.

वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्य में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सह-संस्थापक मुजफ्फर बेग ने महबूबा के इस इच्छा पर आपत्ति जताई है, बेग के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार को यह मालूम ही नहीं है कि समस्या कहां है? बेग ने कहा कि कश्मीर की समस्या सुलझाने के लिए भारत को पहले पाक-चीन की चाल समझनी होगी.

सोमवार को महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर अपील की है कि अगर हमें इस खून-खराबे को रोकना है, तो पाकिस्तान के साथ बातचीत करना जरूरी है. उन्होंने सुंजवान के आर्मी कैंप और श्रीनगर के करन नगर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले के बाद ट्वीट किया.

मुजफ्फर बेग ने एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए मुफ्ती के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी. बेग ने कश्मीर में घटनाओं के सामने आने के तरीकों पर दुख जाहिर किया है.

तो क्या महबूबा मुफ्ती अपना कदम वापस लेंगी? इस सवाल पर बेग ने कहा, "इससे क्या कोई हल निकलेगा? सभी हितधारक कश्मीर के लोगों को नीचा दिखा रहे हैं."

क्या राज्य के हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं? इस पर बेग ने कहा, "जब मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ मैं चीजों को देख रहा था, तब किसी ने नहीं कहा कि राज्य में चीजें कंट्रोल में नहीं हो पा रही हैं. उन सवालों को अभी क्यों उठाया जा रहा है?"

मुजफ्फर बेग का कहना है कि ऐसी स्थिति में जब कश्मीर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. ऐसे में जम्मू-कश्मीर के सभी हितधारकों को सोच-समझकर कोई फैसला लेना चाहिए.


अधिक देश की खबरें