जब ब्रिज पर निर्माण कार्य चल रहा था तो इसे बंद क्यों नहीं किया गया
जब ब्रिज पर निर्माण कार्य चल रहा था तो इसे बंद क्यों नहीं किया गया


मुंबई। मुंबई ब्रिज हादसे के बाद मुंबई में हाहाकार मच गया है। तीन महिलाओं सहित चार लोग अब तक मारे जा चुके हैं। वहीं पांच से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हैं। मौत का आंकड़ा अभी बढ़ने की संभावना है। मलबे से लोगों को निकाला जा रहा है। बचाव व राहत कार्य जारी है। 

ब्रिज की मरम्मत करवानी थी, काम चल रहा था
हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि पुल का एक हिस्सा ढहा है। रेलवे और बीएमसी इसके रखरखाव की जांच करेंगे। ब्रिज खराब स्थिति में नहीं था, इसके लिए मामूली मरम्मत की आवश्यकता थी, जिसके लिए काम चल रहा था। काम पूरा होने तक इसे बंद क्यों नहीं किया गया, इसकी भी जांच की जाएगी।

बीजेपी एमएलए ने इंजीनियर पर फोड़ा ठीकरा
वहीं बीजेपी एमएलए राज पुरोहित ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। ऑडिटिंग में इस पुल को सर्टिफिकेट देने वाले इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उसे सजा मिलनी चाहिए

ब्रिज गिरने के बाद बचाव कार्य में लगे एनडीआरएफ के जवान। इसके साथ ही अन्य सामूहिक संगठनों के लोग भी बचाव में जुटे हुए हैं। क्रेन की मदद से मलबे को हटाते बचाव दल के कर्मचारी। हादसे के बाद बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर गिर गया। कई वाहनों के ऊपर मलबा गिरने से वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। 
हादसे के बाद मुंबई के सेंट जॉर्ज अस्पताल में घायलों और गंभीर लोगों के भर्ती कराया गया है। यहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लगी हुई है। 

ब्रिज का वो हिस्सा जो नीचे ढह गया। हादसे के समय पुल पर 100 से ज्यादा लोग थे। जैसे ही पुल गिरा वहां लोगों की चीख निकलनी शुरू हो गई। मलवे से लोगों को निकालने में जुटे बचाव दल के कर्मचारी। बचाव दल में बीएमसी के कर्मचारी भी लगातार राहत कार्य को अंजाम दे रहे हैं। 
ये हादसे के तुरंत बाद की तस्वीर है। जब हादसे में पुल से नीचे गिरे लोगों को बचाने के लिये आसपास मौजूद लोग तुरंत सहायता के लिये पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मदद में सहयोग दिया है। 



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