केंद्र के पास नहीं है बेरोजगारी का कोई जवाब : ममता
संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयानुसार सन् 1985 को अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष घोषित किया गया।


कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। सोमवार सुबह सीएम ने इस बारे में ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा कि "आज अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस है, हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा दिवस मनाती है। मैं सभी युवाओं, विद्यार्थियों और नई पीढ़ी से अपील करती हूं कि आप मजबूत बनें और जवाब मांगे। आज देशभर में बेरोजगारी चरम पर है, जिसका केंद्र सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।' 

अपने दूसरे ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा, "मेरी सरकार ने पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी को 45 फीसदी कम किया है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आंकड़ा भी पश्चिम बंगाल का पूरे देश में सबसे अधिक है। मैं हमेशा युवाओं, विद्यार्थियों और नई पीढ़ी के साथ मजबूती से खड़ी हूं। मेरी कामना है कि बेहतर भविष्य के लिए युवा हमेशा प्रेरित होते रहें।" 
अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस पूरे विश्व में 12 अगस्त को मनाया जाता है। पहली बार सन् 2000 में इसका आयोजन आरम्भ किया गया था। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाने का मतलब है कि सरकार युवाओं के मुद्दों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करे। 

संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयानुसार सन् 1985 को अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष घोषित किया गया। आज विश्वभर में अधिकतर युवा बिलासिता और सुख-सुविधा को देखते हुए अपनी देश की जमीन को छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं। युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति होते हैं और विशेषकर भारत जैसे महान राष्ट्र की ऊर्जा तो युवाओं में ही निहित है। ऐसे में अगर युवाओं का भारी संख्या में प्रवासन होता है तो इससे न केवल उस राष्ट्र की अक्षमता प्रदर्शित होती है, जो अपने नौजवानों को प्रयाप्त साधन नहीं दे सकता बल्कि इससे देश की विकास का सशक्त आधार भी समाप्त हो जाता है।


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