शिवराज सरकार का यह सर्वे दे सकता है प्रवासी मजदूरों को  मदद
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कोरोना वायरस की वजह से देशभर में हुए लॉक डाउन के कारण सबसे ज्यादा तकलीफ देश के मजदूरों को ही उठानी पड़ी जो जिस वक्त जहां था वहीं पर फस गया, हालांकि सरकारों ने उनको अपने राज्य पहुंचाने का प्रयास किया वही शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में लौटे प्रवासी मजदूरों की मदद करने के लिए एक सर्वे करने का फैसला किया है।

प्रदेश में लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों को काम दिलवाने और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए शिवराज सरकार सर्वे करवाएगी, इस सर्वे के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि मजदूर कहां से लौटे और जहां वह थे वहां क्या काम करते थे, अगर वह निर्माण से जुड़े थे तो  उनके नियोजन की रणनीति बनाई जाएगी। 

वहीं अन्य श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना 'संबल' में उनका पंजीकरण करा कर उन तक उस योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा, मिली जानकारी के मुताबिक यह सर्वे 24- 25 मई को शुरू करवाया जाएगा।


*लगभग 20 लाख प्रवासी मजदूर लॉक डाउन से लौटे

श्रम विभाग के अनुमान की माने तो मध्यप्रदेश में लॉक डाउन के बाद लगभग 20 लाख प्रवासी मजदूर लौट के अपने प्रदेश आए हैं,स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ माह का समय लगने की संभावना है। ऐसे में इन मजदूरों की रोजी-रोटी का इंतजाम करना सरकार की प्राथमिकता है।

*घर वापस आए मजदूरों को मिलेगा काम*

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घर वापस आए कुशल श्रमिकों को उनकी क्षमता के मुताबिक काम उपलब्ध कराया जाए। प्रदेश के उद्योगों को भी श्रमिकों की जरूरत है।

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