2019 में राहुल गांधी नहीं होंगे कांग्रेस का चेहरा!
कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कांग्रेस की अच्छी रणनीति है.


नई दिल्ली : राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को नीतीश का समर्थन नहीं मिलने के बाद कांग्रेस अपने समीकरण बदल सकती है. सूत्रों से मिली रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी साल 2019 के आम चुनाव में पार्टी का चेहरा नहीं होंगे. ये भी बताया जा रहा है कि आने वाला विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी की युवा ब्रिगेड के नेतृत्व में न लड़कर पुराने क्षत्रपों के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा.

बड़े पैमाने पर रणनीतिक बदलाव के बाद मिल रहे संकेतों पर गौर करें तो पार्टी के पुराने नेताओं की भूमिका धीरे-धीरे बढ़ी है. हाल ही में नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की एकता के लिए राहुल गांधी की जगह सोनिया गांधी आगे आईं और विचार-विमर्श कीं. इसमें सबसे बड़े डेवलपमेंट के तौर पर देखें तो हाल ही में बनी कांग्रेस कम्युनिकेशन कमेटी में पी चिदंबरम, आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद जैसे सीनियर नेताओं को प्रमुखता दी गई.

मोदी के खिलाफ पूरे विपक्ष को उतरना होगा
पार्टी में शीर्ष संगठनों से जुड़े एक सूत्र ने बताया, यह स्पष्ट है कि मोदी के खिलाफ पूरे विपक्ष को एक साथ उतरना होगा. कांग्रेस अकेले इसके लिए सक्षम नहीं है. कांग्रेस को एक करिश्मे के साथ-साथ क्षेत्रीय क्षत्रपों की जरूरत है. मुझे यकीन नहीं है कि इसके लिए राहुल इंटरफेस होंगे.

अध्यक्ष बनने के बाद भी चेहरा बनने पर सस्पेंस
पांच बड़े नेताओं से जानकारी मिली है कि राहुल को भले ही अक्टूबर में पार्टी का अध्यक्ष बना दिया जाए, लेकिन वह आम चुनाव के लिए चेहरा नहीं होंगे. हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया.

कांग्रेस की अच्छी रणनीति
कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कांग्रेस की अच्छी रणनीति है. राहुल एक पॉपुलर चेहरा नहीं हैं. यदि आप ऐसे लोगों से मिले जो नरेंद्र मोदी से खुश नहीं है, वे सवाल करते हैं कि फिर दूसरा कौन है? राहुल गांधी उन्हें उत्सा‍हित नहीं करते हैं.

साभार : न्यूज 18


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