सीएम नीतीश कुमार के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे तेजस्वी
जिस कार्यक्रम में तेजस्वी नहीं पहुंचे, यह वर्ल्ड यूथ स्किल डे के मौके पर आयोजित की गई थी।


पटना : बिहार में महागठबंधन सहयोगी आरजेडी और जेडीयू में तनातनी के बीच सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में शनिवार को डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव नहीं पहुंचे। खास बात यह है कि तेजस्वी के लिए मंच पर पहले कुर्सी और नेम प्लेट रखी गई थी। फिर नेम प्लेट को नीले रंग के पेपर से ढक दिया गया। बाद में नेमप्लेट को मंच से ही हटा दिया गया। जानकार मानते हैं कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे तेजस्वी के साथ सीएम की एक मंच पर मौजूदगी को लेकर नीतीश और जेडीयू की आपत्ति के मद्देनजर तेजस्वी ने यह फैसला लिया। 

जिस कार्यक्रम में तेजस्वी नहीं पहुंचे, यह वर्ल्ड यूथ स्किल डे के मौके पर आयोजित की गई थी। इसमें सत्ताधारी दलों के प्रतिनिधियों को पहुंचना था। आखिरी मौके पर तेजस्वी ने न जाने का फैसला किया। राजनीतिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जेडीयू सीएम नीतीश कुमार की स्पष्ट छवि को लेकर चिंतित है, इसलिए पार्टी चाहती है कि सार्वजनिक जीवन में नीतीश और तेजस्वी में पर्याप्त दूरी नजर आए। वहीं, जेडीयू ने अपने नेताओं के माध्यम से आरजेडी को यह संदेश बार-बार देने की कोशिश की है कि तेजस्वी इस मामले पर सफाई और इस्तीफा, दोनों दें। हालांकि, तेजस्वी इस्तीफा देने के मूड में नजर नहीं आ रहे। आरजेडी चाहती है कि नीतीश खुद कार्रवाई कर तेजस्वी को बर्खास्त करें, जिससे न केवल वोटरों की सहानुभूति मिले, बल्कि आरजेडी पर महागठबंधन को तोड़ने का आरोप भी न लगे। 

ताजा घटनाक्रम पर बीजेपी ने नीतीश पर एक बार फिर दबाव बनाने की कोशिश की है। बीजेपी नेता मंगल पांडेय ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि तेजस्वी के न पहुंचने से नीतीश कुमार काफी राहत महसूस कर रहे होंगे। पांडेय के मुताबिक, अगर तेजस्वी और नीतीश एक मंच पर होते तो दुनिया को यह संदेश जाता कि नीतीश भ्रष्टाचार के साथ हैं। बीजेपी नेता का यह भी मानना है कि तेजस्वी ने ऐसा नीतीश पर दबाव बनाने के लिए किया है ताकि वे उनका इस्तीफा न मांगें। मंगल पांडेय ने मांग की कि नीतीश को तेजस्वी को मंच से ही नहीं, बल्कि ऑफिस से भी हटा देना चाहिए। 

इससे पहले, जेडीयू ने शुक्रवार को आरजेडी पर दबाव बढ़ाते हुए कहा था कि 80 विधायक होने का घमंड दिखाने के बजाय वह उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर आरोपों को लेकर खुद को पाक-साफ साबित करे। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी को सीबीआई ने होटलों के लिए जमीन घोटाले की जांच में नामजद किया है। प्रदेश जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा, '80 विधायकों का घमंड दिखाने वाली आरजेडी को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह 2010 के प्रदेश चुनावों में 22 विधायकों पर आ गई थी और 2015 के चुनावों में गठबंधन प्रमुख के रूप में नीतीश कुमार के विश्वसनीय चेहरे के कारण इस संख्या में बढ़ोतरी हुई थी।' 


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