पानीपत : 'द मिलेनियम' स्कूल में छेड़छाड़
आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने इस मामले को दबाने की भी कोशिश की।


पानीपत : गुरुग्राम के रायन इंटरनैशनल स्कूल का मामला अभी शांत भी नहीं पड़ा है कि हरियाणा के पानीपत शहर के एक प्राइवेट स्कूल में 9 साल की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है पानीपत के द मिलेनियम स्कूल में एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर मासूम से छेड़छाड़ की। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने इस मामले को दबाने की भी कोशिश की। बुधवार रात को बच्ची के परिजन शिकायत लेकर महिला थाने पहुंचे। घटना के बाद गुस्साए पैरंट्स ने स्कूल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है। 

इस मामले में पीड़ित के एक रिश्तेदार का कहना है, 'स्कूल प्रबंधन ने मुझसे बच्ची को घर ले जाने को कहा गया, उस वक्त वह रो रही थी। उसने बाद में बताया कि स्कूल के अंदर एक स्वीपर ने उससे छेड़छाड़ की है और इस घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी है।' बच्ची के पिता ने सुबह 7.40 पर उसे स्कूल छोड़ा था। जबकि उनके पास 9.30 बजे स्कूल से फोन आया कि बच्ची रो रही है।

बच्ची के परिजनों का कहना है कि उसके शरीर पर खरोंच के कुछ निशान मिले हैं। स्कूल प्रबंधन हमें प्रिंसिपल से मिलने नहीं दे रहा है। पीड़ित बच्ची मिलेनियम स्कूल में चौथी क्लास में पढ़ती है।

इस मामले में पानीपत के डीएसपी का कहना है कि पुलिस ने शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है। हम जल्द ही तफ्तीश के बाद और जानकारी साझा करेंगे। पुलिस ने आरोपी स्वीपर और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

इससे पहले 8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनैशनल स्कूल में 7 साल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने प्रद्युम्न के साथ जोर-जबर्दस्ती की कोशिश की थी, लेकिन जब बच्चे ने शोर मचा दिया तो उसने बड़ी ही निर्ममता के साथ उसकी हत्या कर दी। 

आरोपी पिछले 6-8 महीने से स्कूल में काम कर रहा था। जब वह टॉइलट में गया, तब उसने वहां बच्चे को देखा। उसके पास चाकू भी था। भोंडसी स्थित रायन स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाला छात्र प्रद्युम्न का शव टॉइलट में मिला था। वारदात के बाद गुरुग्राम पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने प्रद्युम्न के परिवार से मुलाकात के बाद मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने केस को अब अपने हाथ में ले लिया है।

आरोपी कंडक्टर अशोक कुमार कोर्ट में अपने बयान से पलट गया था। 18 सितंबर को अशोक ने अदालत में पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाया है। अशोक कुमार ने गुरुग्राम की स्थानीय अदालत में पेशी के दौरान अपने पूर्व के बयान से पलटते हुए खुद को निर्दोष बताया। अशोक ने पुलिस की पूछताछ में और मीडिया के सामने प्रद्युम्न की हत्या की बात कबूली थी, लेकिन वह कोर्ट में अपने बयान से मुकर गया। आरोपी अशोक के वकील ने कहा कि अदालत में दिया गया बयान ही मायने रखता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अशोक कुमार को 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।


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