जेडीयू चुनाव चिह्न मामले में शरद गुट को हाईकोर्ट से झटका
नीतीश गुट की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता गोपाल सिंह ने बेंच को बताया कि निर्वाचन आयोग ने कई बार इस मामले पर सुनवाई करने के बाद फैसला दिया है।


नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने जेडीयू के चुनाव चिह्न 'तीर' को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गुट को आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले पर हस्तक्षेप करने से इनकार किया है। कार्यकारी चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई की। नीतीश गुट की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता गोपाल सिंह ने बेंच को बताया कि निर्वाचन आयोग ने कई बार इस मामले पर सुनवाई करने के बाद फैसला दिया है। इसके बाद बेंच ने इस केस को निष्पादित कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से शरद गुट को जोरदार झटका लगा है।

शरद गुट के पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और गुजरात से विधायक छोटू भाई वसावा ने आयोग के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने गुजरात चुनावों को देखते हुए आयोग के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने के बाद नीतीश और शरद के रास्ते अलग-अलग हो गए। दोनों गुटों ने पार्टी चुनाव चिह्न 'तीर' पर दावा किया था, लेकिन निर्वाचन आयोग ने 17 नवंबर को नीतीश गुट के पक्ष में फैसला सुनाया। 


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