राहुल बताएं उनका धर्म क्या है : बीजेपी
Rahul Gandhi


नई दिल्ली, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. मंदिर के रजिस्टर में कथित तौर पर उन्हें गैर हिन्दू के तौर पर एंट्री कराई गई है. इस मुद्दे को भाजपा ने लपक लिया है.

गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी कई मंदिरों में पूजापाठ कर चुके हैं. ऐसे में सबके मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर राहुल गांधी का धर्म क्या है?

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, 'सारा देश जानता है कि राहुल गांधी अनन्य शिवभक्त हैं.' इस प्रकार कांग्रेस नेता ने उन्हें भोले का भक्त बता दिया है, इसके आधार पर धर्म आप खुद तय कर सकते हैं. विरोधाभाषी बात यह है कि अगर वे शिवभक्त हैं तो उनकी मंदिर के रजिस्टर में एंट्री क्यों की गई है.

सोमनाथ ट्रस्ट के महाप्रबंधक विजय सिंह छावड़ा ने कहा है कि सोमनाथ मंदिर प्रथा के मुताबिक अगर कोई गैर-हिंदू मंदिर के अंदर जाता है तो उसे रजिस्टर में एंट्री करनी होती है.


मंदिर के रजिस्टर में राहुल गांधी के साथ-साथ राज्य सभा सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल की भी एंट्री गैर हिन्दू के तौर पर कराई गई है. रजिस्टर में यह एंट्री कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर मनोज त्यागी ने कराई है.

'मैं भगवान शिव का भक्त हूं. वो जो कुछ भी कहना चाहते हैं उन्हें कहने दीजिए. मेरी सच्चाई मेरे साथ है.'
राहुल गांधी,
— (गुजरात में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान पत्रकारों से कहा)


अक्सर कांग्रेस पर मुस्लिमों के तुष्टीकरण का आरोप लगाने वाली बीजेपी ने राहुल के विभिन्न मंदिरों में जाने को हिन्दू मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास बताया है. जबकि, कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी का 'भक्ति पर पेटेंट' नहीं है.

बीजेपी के गुजरात प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने कहा, 'हम मंदिरों में जाने के खिलाफ नहीं हैं. हम कामना करते हैं कि हर शख्स मंदिर जाए और हमारी परंपराओं का अनुसरण करे. लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि वो दिल्ली में रहते हैं और वहां कई मंदिर हैं. क्या वो दिल्ली में किसी मंदिर में गए हैं? क्या वो दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर में गए हैं?

यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने मंदिरों में भगवान के दर्शन किए. वह अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर गए. फिर चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर और मिर्जापुर के विंध्याचल मंदिर में भी उन्होंने पूजा-अर्चना की थी.

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के शपथपत्र में भी इसका जिक्र नहीं है. संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि चुनाव लड़ने के लिए धर्म बताना जरूरी नहीं है. हर जगह से इसका कॉलम हटा देना चाहिए.

कांग्रेस ने स्पष्टीकरण दिया है कि सोमनाथ मंदिर में केवल एक ही आगंतुक पुस्तिका में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वयं हस्ताक्षर किये हैं. अन्य कोई भी तस्वीर पूरी तरह से बनावटी और फर्जी है.

जबकि जो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उसमें राहुल गांधी के नाम के आगे जी लिखा है. सवाल ये उठता है कि क्या कोई व्यक्ति खुद अपने नाम के आगे जी लगाता है.


अधिक देश की खबरें