कानपुर: नोटबंदी के डेढ़ साल बाद पकड़ी गई 97 करोड़ की बैन करेंसी
एनआईए और यूपी पुलिस के साझा ऑपरेशन में कानपुर के एक होटल समेत तीन स्थानों से पुराने नोटों के 16 सौदागर पकड़े गए हैं.


कानपुर : मेरठ के बाद कानपुर में अब पुराने नोटों का जखीरा पकड़ा गया है. एनआईए और यूपी पुलिस के साझा ऑपरेशन में कानपुर के एक होटल समेत तीन स्थानों से पुराने नोटों के 16 सौदागर पकड़े गए हैं. उनके पास से 97 करोड़ के पुराने नोट बरामद हुए हैं, जो कि नोटबंदी के बाद बैन करेंसी की सबसे बड़ी खेप है.

पुलिस ने शहर के नामी बिल्डर व कपड़ा कारोबारी आनंद खत्री समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 6 लोगों के नाम सामने आए हैं- आनंद खत्री (मुख्य अभियुक्त), संतोष यादव, मोहित डिगड़ी, संजय सिंह, कोटेश्वर राव और मनीष अग्रवाल. इनके निशानदेही पर इतनी बड़ी रकम जब्त की गई है. पूछताछ में पता चला है कि पुराने नोट बदलने वालों का नेटवर्क पूरे देश में फैला था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह किसी एक आदमी का पैसा नहीं है. बल्कि इसमें हैदराबाद, सहारनपुर, वाराणसी ओडिशा समेत कई राज्यों और शहरों के पैसे थे, जिन्हें यहां पर औने-पौने दामों में निस्तारण के लिए लाया गया था.

नोटबंदी के 14 माह बीतने के बाद भी पुराने नोट का निस्तारण न करने के कारणों व इतनी बड़ी रकम कहां खपाने की तैयारी थी, इसको लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. आयकर टीम भी पकड़े गए लोगों से पूछताछ में जुटी है.

गौरतलब है कि पिछले दिनों मेरठ के एक बिल्डर संजीव मित्तल के पास से पुलिस ने 25 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे. इसके बाद एनआईए को जानकारी मिली थी कि यूपी में कानपुर समेत कई जिलों में मनीचेंजर गैंग सक्रिय है.

सटीक सूचना पर एनआईए के अफसरों ने आईजी अलोक सिंह और एसएसपी अखिलेश कुमार से संपर्क किया. इसके बाद कानपुर पुलिस के अधिकारीयों ने एनआईए की टीम के साथ मिलकर छापेमारी को अंजाम दिया.

मंगलवार सुबह पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम ने सीसामऊ इलाके के एक होटल में छापा मारकर तीन लोगों को दबोचा. इनकी निशानदेही पर पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया. एक पुलिस अफसर ने बताया कि इनके पास से 80 करोड़ रुपए पुराने नोट बरामद हुए हैं.


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