'मोदी जी हमेशा स्पीकर और एयरप्लेन मोड में रहते हैं' : राहुल
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक रोड शो में साइकिल चलाते हुए नजर आए.


नई दिल्ली : कर्नाटक चुनाव प्रचार में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं का एक दूसरे पर तीखा हमला जारी है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. बेंगलुरु में राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'मोबाइल में तीन मोड होते हैं. वर्क मोड, स्पीकर मोड और एरोप्लेन मोड. मोदी जी केवल स्पीकर और एरोप्लेन मोड में रहते हैं. वह कभी भी वर्क मोड में नहीं रहते. ' सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक रोड शो में भी हिस्सा लिया. इसमें वह साइकिल भी चलाते हुए नजर आए.

कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में पेट्रोल के बढ़ते दामों के खिलाफ मार्च निकाला. राहुल ने पूछा कि जब दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो रहे हैं, तो फिर सरकार देश में दाम क्यों नहीं घटा रही है. मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत नहीं लाना चाहती है.


इससे पहले राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर पेट्रोल, एलपीजी व डीजल पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर वसूल कर ईंधन के नाम पर जनता को 'लूटने' का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उसका फायदा सरकार ने आम जनता को नहीं दिया. राहुल ने एक ट्वीट में कहा, "भाजपा सरकार ने 2014 से पेट्रोल/एलपीजी/डीजल पर कर के रूप में 10,00,000 करोड़ रुपए वसूल हैं. लेकिन हमारे नागरिकों को कीमतों में कोई राहत नहीं दी गई."

राहुल ने ट्विटर पर वीडियो साझा किया और कहा कि 'यह वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के तहत ईंधन कीमतों की सच्चाई दिखाता है.' वीडियो से पता चलता है कि 'मोदी सरकार के चार सालों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 67 प्रतिशत से ज्यादा गिरने के बावजूद भी पेट्रोल, डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं.' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें केंद्र सरकार की विफलता का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा, "अच्छे दिन का वादा करने वाली सरकार चुप है. आइए पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भाजपा को उसके रुख का ध्यान दिलाएं। पेट्रोल की बढ़ती कीमतें केंद्र सरकार की विफलता का प्रतीक हैं. लोग नाराज हैं और इसका दूसरे क्षेत्रों पर नकारात्मक असर पड़ेगा."

राहुल ने वीडियो में आरोप लगाया है कि हर साल 50,000 करोड़ रुपए कर के जरिए एकत्र किए जाते हैं, लेकिन सरकार पेट्रोल की कीमतों को नहीं घटा रही है. उन्होंने कहा, "सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने गैस, डीजल व पेट्रोल पर कर लगाकर आम जनता से 10,00,000 करोड़ रुपए लूटे हैं. मोदी सरकार ने 2014 से पेट्रोल पर केंद्रीय कर 8.78 रुपए लीटर व डीजल पर 10.37 रुपये लीटर बढ़ा दिए हैं."


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