फ्लोर टेस्ट में विधायकों को हाथ उठाकर जाहिर करना होगा समर्थन
Demo Pic


नई दिल्ली, कर्नाटक में शाम चार बजे मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का शक्ति परीक्षण होगा. प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया के करीबी सुत्रों की मानें तो फ्लोर टेस्ट में विधायकों को हाथ उठाकर अपना समर्थन जाहिर करना होगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण होगा. इस प्रक्रिया में विधायकों को बीजेपी या कांग्रेस-जेडीएस के समर्थन में हाथ उठाना होगा. प्रोटेम स्पीकर दोनों पक्षों के समर्थन में उठे हाथ गिनकर फैसला देंगे.

कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर चुनाव हुए थे. इनमें से 104 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटों पर जीत हासिल हुई है. चुनाव के बाद कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर लिया. इस तरह दोनों पार्टियों के पास मिलाकर 116 विधायक हो गए. बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और बहुमत साबित करने के लिए उन्हें 8 और विधायकों की जरूरत है.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला दिया था कि कर्नाटक विधानसभा में शनिवार को ही शक्ति परीक्षण करना होगा. कोर्ट ने कहा था इसके लिए और अधिक समय नहीं दिया जा सकता है. कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा के करीबी माने जाने वाले केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है. इसके विरोध में कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी. इस याचिका को जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बोपैया का पक्ष सुने बिना कोर्ट उनके खिलाफ फैसला नहीं सुना सकता है.

कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को लेकर वह राज्यपाल को निर्देशित नहीं कर सकता है.


अधिक देश की खबरें