जम्मू-कश्मीर : पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग, घर छोड़ शिविरों में रहने को मजबूर लोग
करीब 50 हज़ार लोग अपने घर छोड़ कर शिविरों में जाने को मजबूर हैं.


श्रीनगर : जम्मू कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चल रही लगातार फायरिंग की वजह से सीमा पर बसे कई गांव खाली हो गए हैं. करीब 50 हज़ार लोग अपने घर छोड़ कर शिविरों में जाने को मजबूर हैं. इस सब के बीच दोनों देशों में शांति की उम्मीद दम तोड़ रही हैं. पिछले क़रीब दो हफ़्तों से बॉर्डर के गांवों में लगातार पाकिस्तान की ओर से फ़ायरिंग जारी है. जिससे दस नागरिकों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं. इस फ़ायरिंग में दो जवान शहीद भी हुए हैं.

जम्मू एवं कश्मीर के तंगधार सेक्टर में शनिवार तड़के सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. इस दौरान मुठभेड़ में चार आतंकवादियों को मार गिराया गया. यह अभियान श्रीनगर से लगभग 120 किलोमीटर दूर उत्तरी कश्मीर सीमा के तंगधार में शुरू हुआ, जो अभी भी चल रहा है. 

महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान से अपील
जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि पाकिस्तान रमजान से जुड़ी भावनाओं का सम्मान करे और सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन पर रोक लगाए. यह बात उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में प्रभावित लोगों से मुलाकात के दौरान कही.  पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा पिछले नौ दिनों में सीमा से लगे जम्मू , सांबा और कठुआ में की गई गोलाबारी में दो नाबालिग बच्चों और बीएसएफ के दो जवानों समेत 12 लोग मारे गए हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा से एक लाख से अधिक लोग पलायन कर गए हैं. हालांकि , पिछले दो दिनों से गोलीबारी नहीं हो रही है. 


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