'अगर ज्योतिषी कह दे तो तेलंगाना में वक्त से पहले चुनाव करा सकते हैं चंद्रशेखर राव'
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क्या तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव राज्य में समय से पूर्व चुनाव कराने की तैयारी कर रहे हैं? हैदराबाद में इस तरह की अफवाह है कि केसीआर राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना में भी विधानसभा चुनाव करा सकते हैं.

हालांकि इस बारे में अभी तक मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन राजनीतिक विद्वान समय पूर्व चुनाव की संभावनाओं से इनकार नहीं कर रहे हैं. बता दें कि तेलंगाना में लोकसभा चुनाव के साथ अगले विधानसभा चुनाव भी होने हैं.

केसीआर का एस्ट्रोलॉजी और वास्तु में बहुत विश्वास है. वह ज्योतिषियों और वास्तु विशेषज्ञों से पूछे बिना कोई भी निर्णय नहीं लेते हैं. ऐसे में उनके एक करीबी का कहना है कि अगर कोई ज्योतिषी कह दे तो केसीआर राज्य में समय से पूर्व चुनाव करा सकते हैं.

2014 में मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद केसीआर ने कई विकास परियोजानाओं की शुरुआत की और कुछ का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन भी किया. जनता के लिए किए गए उनके कार्यों की वजह से ही उनके विरोधी भी मानते हैं कि उन्हें हराना आसान नहीं है.

यहीं नहीं केसीआर ने बड़ी चतुराई से राज्य में विपक्षी पार्टों टीडीपी, वाईएसआरसीपी और बीजेपी को भी नुकसान पहुंचाया है. कुछ कांग्रेस के नेता भी उनकी पार्टी में शामिल हुए हैं.

हालांकि ऐसा करके केसीआर को लघु अवधि में तो लाभ मिल गया लेकिन अब लग रहा है कि उनकी इस नीति से कहीं न कहीं मुख्य विपक्षी पार्टी मजबूत हूई है. कांग्रेस जो पहले तीन सालों में पिछड़ती दिख रही थी पिछले 18 महीनों से तेजी से मजबूत होती दिख रही है.

कुछ वक्त पहले किरण कुमार रेड्डी की कांग्रेस में वापसी हुई है और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उनकी नजर है. इसके साथ ही कांग्रेस को एससी/एसटी और मुस्लिमों के वोट मिलने की भी उम्मीद है. अगर ऐसा होता है तो राज्य में टीआरएस को कड़ी टक्कर मिल सकती है.

तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने भी विभिन्न मुद्दों पर केसीआर सरकार के खिलाफ पार्टी को एक रखकर आलोचकों को गलत साबित किया है.

वहीं राज्य में चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ हों या फिर इससे पहले इसपर केसीआर के विश्वासपात्रों की राय भी पूरी तरह बंटी हुई है. कुछ का मानना है कि राज्य में लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव कराने से पार्टी को फायदा हो सकता है. इन नेताओं को डर है कि राज्य में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव होने से परिणाम टीआरएस के खिलाफ जा सकते हैं, क्योंकि तब तक कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार हो चुकी होगी.

वहीं कुछ का मानना है कि समय से पूर्व चुनाव कराना पार्टी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हो सकता है क्योंकि पूर्व में जितने मुख्यमंत्रियों ने भी ऐसा किया उनमें से अधिकतर की हार हो गई. इसके साथ ही वे इस बात को भी नकारते हैं कि कांग्रेस टीआरएस को हरा सकती है.



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