मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, लोकसभा में शुक्रवार को होगी चर्चा
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नई दिल्ली, नरेंद्र मोदी सरकार को अपने कार्यकाल के आखिरी साल में नई अग्निपरीक्षा का सामना करना पड़ सकता है. केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की तरफ से पेश अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने स्वीकार कर लिया है.

विपक्ष के इस अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में शुक्रवार, जबकि राज्यसभा में सोमवार को चर्चा होगी. हालांकि लोकसभा के मौजूदा स्वरूप को देखें तो यहां 545 में से 271 सांसदों के साथ बीजेपी एनडीए के सहयोगी दलों की मदद से खतरे से पूरी तरह बाहर दिखती है, लेकिन सत्तापक्ष के लिए इसे साख के सवाल की तरह देखा जा रहा है.

दरअसल संसद का मॉनसून सत्र शुरू होते ही टीडीपी सांसद केसिनेनी श्रीनिवास ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. लोकसभा में 50 विपक्षी सांसदों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ने इसे स्वीकार कर लिया.

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पेश इस अविश्वास प्रस्ताव को विपक्षी एकता की परख के रूप में देखा जा रहा है. शायद यही वजह रही कि लोकसभा में इस अविश्वास प्रस्ताव पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी काफी जोर देती दिखीं. इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस और विपक्षी दलों के कई सासंदों के खड़े होकर प्रस्ताव का समर्थन किया.

वहीं संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि कई विपक्षी पार्टियों ने अविश्वास प्रस्ताव मूव किया है. आप से अनुरोध है कि वह प्रस्ताव को स्वीकार कर लीजिए, आज दूध का दूध और पानी का पानी हो ही जाए. इस पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि मैंने इस प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और नियमों के मुताबिक इस पर चर्चा कराई जाएगी.


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