बर्ड फ्लू के कहर से खुद को करें सुरक्षित
बर्ड फ्लू के कहर से खुद को करें सुरक्षित
बर्ड फ्लू के लक्षण और रोकथाम


अभी डैंगू, चिकनगुनिया जैसे वायरल फीवर के बाद अब बर्ड फ्लू का खतरा सिर पर मंडराने लगा है। बर्ड फ्लू के चलते कई पक्षियों की मौत हो रही है इसलिए सरकार द्वारा लोगों को चिकन ना खाने की अपील की गई हैं और पक्षियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है ताकि इंसान इसकी चपेट में ना आए। यह खतरनाक बीमारी महामारी का रूप भी ले सकती हैं इसलिए अपने आपको सुरक्षित रखें। 

आइए जानते हैं बर्ड फ्लू के लक्षण और रोकथाम

क्या है बर्ड फ्लू 
बर्ड फ्लू एक ऐसा वायरस है जो एवियन इन्फ्लूएंजा के नाम से मशहूर है। इस खतरनाक वायरस का संक्रमण इंसानों और पक्षियों को अधिक प्रभावित करता है। यह इंफैक्शन चिकन, टर्की, गीस और बत्तख पर सबसे ज्यादा असर करता है। यह इतनी खतरनाक बीमारी है, जिससे इंसान और पक्षियों की मौत भी हो सकती है।  

कितने प्रकार के होते हैं वायरस
हमे इस बात का पता होना चाहिए कि यह बीमारी किस वायरस के जरिए फैल रही है। अगर इसके वायरस की पहचान हो जाए तो इसका इलाज काफी आसान हो जाता है। वायरस 3 प्रकार के होते है- ऐ, बी, सी। इन तीनों में से ऐ सबसे खतरनाक माना जाता है। यह वायरस इंसानों और जानवरों, दोनों  के जरिए फैल सकता है।  
टाइप बी वायरस सिर्फ इंसानों में देखा जाता है, जिसमें ज्घ्यादा खतरा नहीं होता है। अगर इस टाइप का पता न लगे तो यह कभी-कभी काफी घातक हो सकता है। वहीं सी टाइप के वायरस में इंसान ज्यादा बीमार नहीं होता है। इसके लिए मामूली इलाज की जरूरत होती है। ज्यादातर इस वायरस की चपेट में पक्षी आ रहे है। इसके चलते इसको बर्ड फ्लू का नाम दिया गया। बर्ड फ्लू का संक्रमण पक्षियों से मनुष्यों में होता है। इसके संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।  

   लक्षणः
  • - मरीज को तेज बुखार
  • - गले में कफ
  • - गले की खराश 
  • - शरीर में दर्द और अकड़न 
  • - ज्यादा थकान 
  • - नाक बहना और सिर दर्द 
  • - कभी-कभी उल्टी होना 

कैसे करें बचावः
अगर कोई व्यक्ति इस तरह के वायरस से संक्रमित है तो सबसे पहले उसका कमरा अलग करिए क्योंकि यह वायरस हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरें में फैलता है। इसके अलावा मरीज के साथ बात करते समय अपने मुंह और नाक को अच्छे से किसी मास्क से ढ़क लें। वहीं, मरीज के साथ हाथ मिलाने से बचे। इसके अलावा मरीज को भी कुछ बातों पर ध्यान देना होगा, जैसे-
  • - संक्रमित व्यक्ति इधर-उधर ना थूकें।
  • - बुखार होने पर सिर पर पानी की पट्टी रखें।
  • - ठंडी चीजें खाने से परहेज करें।
  • - नाक बहने पर अपने पास कोई कपड़ा रखें।
  • - कपड़े समय-समय पर बदलते रहें।
  • मरीज को ज्यादा उल्टियां आ रही हैं, तो ओ.आर.एस. का घोल पिलाएं और डॉक्टर की सलाह जरूर लें। वहीं खाने-पीने की चीजों में भी सावधानी रखें।


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