UP में अगर लोकसभा चुनाव अकेले लड़ी कांग्रेस तो जीत सकती है इतनी सीट
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उत्तर प्रदेश में अगर कांग्रेस अकेले चुनाव मैदान में उतरती है तो वह करीब दो दर्जन सीटों पर सीधे जीत दर्ज करने का दम रखती है. आंकड़े बताते हैं कि मोदी लहर में भी कांग्रेस ने प्रदेश की दो दर्जन सीटों पर वोटिंग प्रतिशत में सम्मानजनक स्थिति हासिल की थी. इसमें भी करीब 6 सीटों पर पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बीजेपी को तगड़ी चुनौती दी, हालांकि जीत उसे नसीब न हो सकी. अब राज्यों में मिली जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संजीवनी मिली है.

वैसे तो यूपी की सियासत में ताजा हालात ये है कि सपा और बसपा जो पहले गठबंधन में कांग्रेस को ज्यादा जगह देने की इच्छुक नहीं दिख रही थीं. उन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस को समर्थन के ऐलान के साथ अपने रुख में नरमी का इशारा दिया है. ये देखने वाली बात होगी कि 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस अब सपा-बसपा गठबंधन से कितनी सीटों की मांग करती है और कितनी सीटों पर सहमति बनती है.

अगर सहमति नहीं बनी तो सपा-बसपा से नजदीकियों के बाद भी वह चुनाव में अकेले मैदान में उतर सकती है. ऐसी स्थिति में लोकसभा चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस मजबूत प्रदर्शन दिखाने का दम रखती है.

2009 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने इस चुनाव में जोरदार प्रदर्शन करते हुए अकेले दम पर 21 सीटें हासिल की थीं. यहां सपा ने 23 और बसपा ने 20 सीटें हासिल की थीं, जबकि बीजेपी को 10 सीटें मिली थीं. लेकिन 2014 लोकसभा चुनावों में मोदी लहर ने बीजेपी को 71 के जादुई आंकड़े तक उठाकर ला खड़ा किया. बसपा एक सीट न जीत सकी, वहीं समाजवादी पार्टी महज 5 और कांग्रेस दो सीटों पर सिमट गई.

लेकिन वोटिंग प्रतिशत पर गौर करें तो मोदी लहर के बावजूद कांग्रेस ने यूपी की करीब दो दर्जन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था. इसमें रायबरेली और अमेठी की सीट जीतने अलावा पार्टी ने सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी और कुशीनगर में बीजेपी प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी थी. यहां कांग्रेस प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे.

इसमें सहारनपुर में कांग्रेस के इमरान मसूद ने बीजेपी के राघव लखनपाल के खिलाफ करीब 4 लाख से ज्यादा वोट हासिल किए. इसी तरह गाजियाबाद में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने करीब 2 लाख वोट हासिल किए. वहीं बीजेपी की परंपरागत मानी जाने वाली लखनऊ की सीट पर भी राजनाथ सिंह के सामने कांग्रेस प्रत्याशी ने करीब 3 लाख वोट हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहीं.

इसी तरह कांग्रेस के दिग्गज नेता श्रीप्रकाश जायसवाल ने कानपुर में ढाई लाख से ज्याद वोट हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में प्रभारी पीएल पुनिया ने बाराबंकी में करीब ढाई लाख वोट हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहे, वहीं कुशीनगर में आरपीएन सिंह भी करीब तीन लाख वोट हासिल करने के बाद भी दूसरे स्थान पर ही रहे. यहां बीजेपी के राजेश पांडेय उर्फ गुड्डू ने जीत दर्ज की थी.

यूपी कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख राजीव बख्शी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश समीकरण बदलेंगे. गठबंधन को लेकर पहले भी सपा और बसपा को लगातार हम आमंत्रित करते रहे हैं. हम फिर से उनका स्वागत करते हैं. गठबंधन को लेकर कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं की राय ली जाएगी क्योंकि हमारी पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करती है. राजीव बख्शी ने साथ ही कहा कि लेकिन किसी मुद्दे पर हम सम्मान का पहले तरजीह देंगे.


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