आइपी सिंह भाजपा से निष्कासित
आइपी सिंह भाजपा


लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी अब अनुशासनहीनता करने वालों को जरा भी ढील देने के पक्ष में नहीं है। भाजपा ने पार्टी के खिलाफ बयान देने के मामले में वरिष्ठ नेता आइपी सिंह को पार्टी से फिलहाल बाहर कर दिया है। अब वह छह वर्ष पार्टी से निलंबित रहेंगे।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय के निर्देशानुसार आईपी सिंह को अब छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। 
आइपी सिंह लंबे समय से भाजपा के खिलाफ लगातार विवादित बयान दे रहे थे। कल्याण सिंह सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री रहे आइपी सिंह को आज भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। कल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की आजमगढ़ से उम्मीदवारी घोषित होने के बाद उन्हें अपने घर में कार्यालय खोलने का न्योता देने वाले भाजपा के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की आजमगढ़ से उम्मीदवारी घोषित होने के बाद उन्हें अपने घर में कार्यालय खोलने का न्योता देने वाले भाजपा के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार आईपी सिंह को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करते हुए उन्हें प्रचारमंत्री बताया। आईपी ने ट्वीट किया कि हमने ‘ प्रधानमंत्री ‘ चुना था या  ‘ प्रचारमंत्री ‘ ? अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से देश का प्रधानमंत्री क्या टी-शर्ट और चाय का कप बेचते हुए अच्छा लगता है? भाजपा वो पार्टी रही है जिसने अपने विचारों से लोगों के दिलों में जगह बनाई। मिस कॉल देकर और टी-शर्ट पहन कर यहां पर श्कार्यकर्ताओंश् की खेती असंभव है। उनके इन्हीं पार्टी विरोधी तेवरों को देखते हुए उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि  मैं अटल जी के साथ पैदल चला, आडवाणी जी के साथ यात्रा में आगे खड़ा रहा, लक्ष्मीकांत जी के साथ पार्टी के लिए सैकड़ों बार अनशन पर बैठा, मेरा पूरा राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा रहा और यह संघर्ष आजीवन चलेगा।आज पार्टी को मुझ जैसे ‘कार्यकर्ता’ की नहीं सुनील बंसल जैसे ‘मैनेजर’ की जरूरत है।


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