बाबा को गोली माने वाले  2 अभियुक्त 3 घंटे मे गिरफ्तार
गिरफ्तार


लखनऊ। राजधानी लखनऊ मे जमीनी विवाद को लेकर बुद्धवार को दबंगो ने दुस्साहसिंक घटना को अन्जाम देते हुए राजस्व अधिकारियो की मौजूदगी मे ग्राम समाज की जमीन की नपाई करवा रहे 45 वर्षीय बाबा को गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया और बाबा के चालक को भी गोली मार दी। दिन दिहाड़े हुई इस सनसनी खेज घटना की सूचना के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी एएसपी नार्थ एएसपी विधान सभा सीओ गोमती नगर कई थानो की पुलिस के साथ मौके पर पहुॅचे गोली लगने से घायल हुए चालक को अस्पताल पहुॅचाया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घ्टना के बाद एसएसपी कलिानिधि नैथानी द्वारा अभियुक्तो की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई पुलिस की टीमो को तीन घंटे के अन्दर सफलता मिल गई । पुलिस ने बाबा की हत्या करने वाले दो आरोपियों को चन्द घंटो के अन्दर गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार मूल रूप से कूढ़ेभार सुलतानपुर के रहने वाले 45 वर्षीय बाबा स्वामी दिनेशानन्द गिरी अपनी पत्नी रिंकी उर्फ खुशबू द्धिवेदी चार बच्चो कुशल ए सोमया सानिथ और सोनू के साथ चिन्हट के नन्दपुर गाॅव मे पल्टू दास की कुटिया मे रहते थे। स्वामी दिनेशानन्नद गिरी का कोटेदार सुशील यादव से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था उन्होने सुशील पर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी सेे शिकायत भी की थी। शिकायत के बाद अज राजस्व विभाग के अधिकारी पल्टू दास की कुटिया के करीब ग्राम समाज की जमीन की नपाई करने के लिए पहुॅचे थे अधिकारियो के साथ बाबा भी अपनी बोलेरो गाड़ी से अपने चालक नन्दपुर गाॅव चिन्हट निवासी 32 वर्षीय राम सुमीरन रावत के साथ पहुॅचे। जमीन की नपाई चल रही थी उसी समय सुशील यादव अपने एक साथ की बुलट मोटर साईकिल पर सवार होकर आया और उसने बाबा दिनेशानान्द गिरी पर अन्धाधंुध गोलियां चला कर उनकी हत्या कर दी। बाबा को बचाने के लिए आगे आए उनके चालक राम सुमीरन को भी सुशील ने गोली मार कर घायल कर दिया राम सुमीरन की कमर मे गोली लगी हमलावर घटना को अन्जाम देने के बाद हवा मे गोलियां चलाते हुए मौके से फरार हो गए। राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी मे हुई इस सनसनीखेज घटना की सूचना पाकर एसएसपी कलानिधि नैथानी भी मौके पर पहुॅच गए । एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पाॅच टीमे गठित कर दी। पुलिस की टीमो को महज तीन घंटे मे सफलता मिल गई और बाबा दिनेशानन्द गिरी की हत्या करने वाले दो अभियुक्तो सुशील यादव और प्रधान दिलीप विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना के बाद इलेक्टफ्ानिक सर्विलांस का सहारा लिया और सर्विलांस के माध्यम से हत्या आरोपी महज तीन घंटे के अन्दर ही पुलिस के जाल में फंस गए। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए अभियुक्तो से पूछताछ कर उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर ही है। बताया कि बाबा स्वामी दिनेशानन्द गिरी और सुशील यादव के बीच कुछ जमीनी विवाद चल रहा था उन्होने बताया कि सुशील व उसके अन्य साथियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उन्होने पुलिस की 6 टीमे गठित की है। बताया जा रहा है कि बाबा स्वामी दिनेशानन्द गिरी खुद भी प्रापर्टी का काम करते थे काफी समय से उनका और कोटेदार सुशील यादव के बीच जमीनी विवाद चल रहा था सूत्रो ने बताया कि कुछ महीने पहले बाबा और सुशील के बीच झगड़ा हुआ था मामला जब थाने पहुॅचा था तो सुशील ने थाने मे ही पुलिस की मौजूदगी मे बाबा को गोली मारने की धमकी दी थी। आज सुशील यादव द्वारा अन्जाम दी गई इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस पर सवाल उठ रहे है कि बाबा को थाने मे धमकी देने वाले सुशील पर कार्यवाही क्यूं नही हुई। बाबा की हत्या के बाद एक सवाल और उठ रहा है वो ये कि जिस बोलेरो मे बाबा की हत्या हुई उस बोलेरो के अन्दर से बाबा की लाईसेन्सी रायफल भी बरामद होना बताया जा रहा है यहां सवाल ये उठ रहा है कि आर्दश चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद चिन्हट पुलिस ने बाबा की रायफल क्यूं जमा नही कराई अभी ये पता नही चल सका है कि बाबा की हत्या लाईसेन्सी असलहे से की गई है या फिर अवैध असलहे से। बताया जा रहा है कि हमलावर ने मौके पर एक दर्जन से ज्यादा राउन्ड फायरिंग की थी। चुनाव आचार संहिता के दौरान इस तरह से राजस्व अधिकारियो की मौजूदगी मे सनसनी खेज घटना का होना भी अपने आप मे पुलिस की मुस्तैदी पर बड़ा सवाल है। 


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