मायावती की अपील से राहुल-सोनिया की राह आसान
बसपा प्रमुख मायावती ने अमेठी और रायबरेली में मतदान के एक दिन पहले राहुल तथा सोनिया गांधी को वोट देने की अपील करके दोनों संसदीय क्षेत्रों के बसपा-सपा कार्यकर्ताओं के मन में जो कुछ हिचक थी उसे भी दूर कर दिया।


नई दिल्ली, (हि.स.)। बसपा प्रमुख मायावती ने अमेठी और रायबरेली में मतदान के एक दिन पहले राहुल तथा सोनिया गांधी को वोट देने की अपील करके दोनों संसदीय क्षेत्रों के बसपा-सपा कार्यकर्ताओं के मन में जो कुछ हिचक थी उसे भी दूर कर दिया। मायावती ने रविवार सुबह बसपा - सपा कार्यकर्ताओं के लिए एक अपील में कहा, 'हमने देश में, जनहित में खासकर भाजपा-आरएसएस को कमजोर करने के लिए अमेठी-रायबरेली लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी। ताकि इसके दोनों सर्वोच्च नेता इन्हीं सीटों से फिर से चुनाव लड़ें और इन दोनों सीटों में ही उलझ कर ना रह जाएं। 

इसे खास ध्यान में रखकर ही, हमारे गठबंधन ने दोनों सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी थीं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे गठबंधन का एक-एक वोट हर हालत में दोनों कांग्रेस नेता को मिलने वाले हैं।' राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती के इस अपील का असर न केवल रायबरेली व अमेठी में होगा, बल्कि उप्र की उन सभी सीटों पर भी होगा। माया के इस अपील से यह संदेश चला गया है कि सपा-बसपा और कांग्रेस में अंदरूनी सहमति है। जहां बसपा या सपा के उम्मीदवार मजबूत हैं वहां कांग्रेस कमजोर उम्मीदवार खड़ा करके उनकी मदद कर रही है। 

वरिष्ठ पत्रकार नवेन्दु का कहना है कि मायावती की अपील से राहुल की जीत पक्की तो हो ही गई, उनको पहले से अधिक वोट भी मिलेगा। 2014 में अमेठी व रायबरेली में बसपा ने उम्मीदवार खड़ा किए थे। उनको जो वोट मिले थे, लगभग वे सभी वोट इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को चले जाएंगे। 
एआईसीसी सदस्य अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि बसपा प्रमुख मायावती की इस अपील से केवल अमेठी व रायबरेली में ही नहीं, पूरे प्रदेश में सकारात्मक संदेश गया है। गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हरि देसाई का कहना है कि अमेठी व रायबरेली में मतदान के एक दिन पहले मायावती ने कांग्रेस के पक्ष में अपील करके स्मृति की राहें कठिन कर दी हैं।


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