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चंदा मामा की खबर लेने निकला चंद्रयान - 2​​
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चंद्रयान-2


नई दिल्ली: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चंद्रयान-2 का सफर सोमवार को दिन के 2 बजकर 43 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुरू हो गया। पृथ्वी से चंद्रमा की इसी दूरी को तय करने में कुल 52 दिनों का समय लगेगा और 14 दिनों तक चांद पर रोवर ऐक्टिव रहेगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज का दिन 130 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व का दिन है। 


सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद वैज्ञानिक चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को लेकर खासे उत्साहित रहे। ठीक दो बजकर 26 मिनट पर मिशन चंद्रयान-2 के डायरेक्टर ने लॉन्चिंग के लिए ग्रीन सिग्नल दिया। 2.30 बजे मिशन डायरेक्टर ने वीइकल डायरेक्टर को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए अधिकार दिया। अंतिम समय में चंद्रयान-2 मिशन की तैयारियों का जायजा इसरो चीफ के सिवन ने लिया। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 2 बजकर 43 मिनट का समय बताया तो उल्टी गिनतियों के साथ चंद्रयान-2 आग का विशाल गोला छोड़ते हुए आकाश की ओर अपने सफर पर निकल पड़ा। लॉन्च होने के चंद मिनट बाद ही  चंद्रयान-2 से हवा में दो रॉकेट अलग हो गए और क्रॉयोजेनिक रॉकेट ने भी काम करना शुरू कर दिया। इस तरह क्रॉयोजेनिक स्टेज से सेटलाइट को अलग कर दिया गया। 3 बजकर 2 मिनट पर चंद्रयान-2 अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंच गया और सेटलाइट से सिग्नल आने शुरू हो गए।

इसके बाद इसरो चीफ के सिवन ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जीएसलवी मार्क-3 के जरिए चंद्रयान-2 की सफलता पूर्वक लॉन्चिंग हुई है। इसे चांद की तरफ भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 7 सितम्बर को विक्रम लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा। इसके बाद रोवर प्रज्ञान चांद की सतह की जानकारी देगा। रॉकेट की गति और हालात अभी तक सामान्य है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग चरणों के तहत चंद्रयान-2 लॉन्चिंग के 52 दिनों बाद (16+5+27+4) चंद्रयान चांद की सतह पर पहुंच जाएगा। चांद की सतह पर पहुंचने के बाद लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) 14 दिनों तक ऐक्टिव रहेंगे। रोवर इस दौरान एक सेंटीमीटर प्रति सेकेंड की गति से चांद की सतह पर चलेगा और उसके तत्वों की स्टडी करेगा व तस्वीरें भेजेगा। वह वहां 14 दिनों में कुल 500 मीटर कवर करेगा। 

उन्होंने बताया कि ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर उसकी परिक्रमा करता रहेगा। ऑर्बिटर वहां एक साल तक ऐक्टिव रहेगा। रोवर प्रज्ञान चांद पर 500 मीटर (आधा किलोमीटर) तक घूम सकता है। यह सौर ऊर्जा की मदद से काम करता है। रोवर सिर्फ लैंडर के साथ संवाद कर सकता है। इसकी कुल लाइफ एक लूनर डे की है, जिसका मतलब पृथ्वी के लगभग 14 दिन होता है। चंद्रयान पर कुल 13 पेलोड हैं। इसमें से दो पेलोड रोवर पर भी होंगे। चंद्रयान का तीसरा हिस्सा रोवर है, जिसे प्रज्ञान नाम दिया गया है। यह रोवर 6 पहिए वाला एक रोबॉट वाहन है, जिसका वजन 27 किलोग्राम है। उन्होंने बताया कि अपना काम खत्म करने के बाद रोवर प्रज्ञान चांद पर ही सो जाएगा। 

इसरो चीफ ने बताया कि हमने चंद्रयान-2 की तकनीकी दिक्कत दूर करके इस मिशन को अंतरिक्ष में भेजा है। हमारी सोच से भी बेहतर लॉन्चिंग हुई है। हमने तकनीकी दिक्कत की जांच कर तुरंत इसे दूर किया था। टीम इसरो के इंजीनियर, टेक्निकल स्टाफ की कठोर मेहनत से ही हम यहां पहुंचे हैं। टीम इसरो ने अपना घर-परिवार छोड़कर पिछले 7 दिनों में चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए दिन-रात एक कर दिया। अभी टास्क खत्म नहीं हुआ है। हमें अपने अगले मिशन पर लगना है। हम हर बार की तरह अपने मैनेजमेंट की तरफ से दिए गए काम को पूरा करेंगे। चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग से हमने अपने तिरंगे को सम्मान दिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर पल-पल नजर बनाए हुए थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन 130 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व का दिन है। चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर वैज्ञानिकों और इसरो की टीम को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इससे देश के युवाओं की रूचि विज्ञान की तरफ बढ़ेगी। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर इसरो के सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्रीहरिकोटा से चन्द्रयान-2 का ऐतिहासिक प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए एक गर्व का क्षण है। चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के लिए राज्यसभा में इसरो की टीम को बधाई दी गई। चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के लिए लोकसभा में भी इसरो की टीम और वैज्ञानिकों को बधाई दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी इसके लिए सराहा। चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के लिए पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसरो की पूरी टीम को बधाई दी। चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग पर कांग्रेस ने इसरो की पूरी टीम को बधाई दी है। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के लिए इसरो को बधाई दी। 


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