किसानों की कर्जमाफी का बोझ जनता पर नहीं डालेगी सरकार : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को उत्कृष्ट एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।


लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को उत्कृष्ट एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह सेवाएं दूरदराज के क्षेत्रों में हर हाल में पहुंचें यह सुनिश्चित किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने का है, ताकि इसकी ‘बीमारू’ छवि बदल जाए। राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी का यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि सरकार अब जनता पर बोझ डालेगी। ऐसा बिल्कुल नहीं है और इसका इंतजाम किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हम अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाते हुए मितव्ययिता के माध्यम से इसकी भरपाई करेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह बात अपने सरकारी आवास पर ‘एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा’ के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों सहित प्रदेश की सम्पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में अत्यधिक सुधार की जरूरत है। राज्य सरकार इस पर लगातार प्रयास कर रही है। 

उन्होंने कहा कि आज बैसाखी के दिन यह सेवा शुरू हो रही है, इस बात की उन्हें खुशी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से बीते दो वर्षों से यह एम्बुलेंस उपलब्ध करायी जा रही थीं, लेकिन पिछली राज्य सरकार ने इसे अस्वीकार करते हुए राज्य की जनता को इस महत्वपूर्ण जीवन रक्षक प्रणाली से वंचित रखा। 
उन्होंने कहा कि जिस राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी हो और वहां की सरकार केन्द्र द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध करायी जा रही सहायता को ठुकरा रही हो तो वह कैसी सरकार है और क्या वह जनता का हित चाहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का ढांचा फेडरल है। ऐसे में केन्द्र एवं राज्य की सरकारों को आपस में समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ सहयोग करते हुए चलना होता है, अन्यथा केन्द्र एवं राज्य की आपसी असहमति में जनता को मुश्किलें होती हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही, राज्य सरकार के मंत्री आपस में हर रोज मिलकर चीजों को ठीक करने के विषय में चर्चा करते रहते हैं, ताकि लोक कल्याण संकल्प-पत्र को अमली जामा पहनाया जा सके।

सीएम योगी ने कहा कि आज इस मौके पर 150 एम्बुलेंसों की शुरुआत की जा रही है। जल्द ही 100 अतिरिक्त एम्बुलेंसों को भी इस सेवा में लगाया जाएगा। यह सभी एम्बुलेंस केन्द्र सरकार द्वारा एन.आर.एच.एम. के तहत उपलब्ध करायी गयी हैं। यह एम्बुलेंस जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित हैं। यह एम्बुलेंस तत्काल मदद की जरूरत वाले दुर्घटनाग्रस्त लोगों के बहुत काम आएगी, क्योंकि ‘गोल्डेन आवर’ यानी हादसे के पहले घण्टा में यदि इलाज की व्यवस्था हो जाए तो मरीज की जान बच सकती है। इस दौरान यह एम्बुलेंस कारगर साबित होगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी एम्बुलेंस जी.पी.एस. से मॉनीटर होंगी। इस सेवा का संचालन जी.वी.के.-ई.एम.आर.आई. के जरिए किया जाएगा। यह संचालन करने वाली एजेन्सी की जिम्मेदारी होगी कि वह यह सुनिश्चित करे कि इस सेवा के तहत संचालित एम्बुलेंस के सभी उपकरण सुचारु रूप से काम करें, वरना उपकरणों में खराबी पाये जाने पर 10,000 रुपये का दण्ड देय होगा। इस सेवा के तहत संचालित एम्बुलेंसों के सभी कार्यों की लगातार मॉनीटरिंग की जाए। 

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस सेवा के संचालन में लगे कर्मियों के मानदेय के भुगतान समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ‘108’ नम्बर की इस सेवा के तहत कॉल करने वाले के पास एम्बुलेंस 15 मिनट के अन्दर पहुंचेगी।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने इस सेवा के ड्राइवरों को वाहनों की चाभियां भी मुहैया करवायीं। उन्होंने एक एम्बुलेंस का अवलोकन करने के बाद सभी वाहनों को झण्डी दिखाकर रवाना भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह सहित मंत्रिमण्डल के कई अन्य सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


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