आईसीजे में 15 मई को होगी कुलभूषण जाधव मामले में सुनवाई, पाकिस्तान ने सुनाई है मौत की सजा
भारत ने आईसीजे से कहा था कि यदि अदालत तत्काल कदम नहीं उठाता है तो जाधव को मिली फांसी की सजा की तामील हो जाएगी.


नई दिल्ली/हेग: अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत सोमवार (15 मई) को भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवायी करेगा. जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनायी है. आईसीजे ने सुनवायी के संबंधी में बुधवार (10 मई) को घोषणा की है. गौरतलब है कि अदालत ने मंगलवार (9 मई) को ही भारत की अपील पर जाधव को मिली फांसी की सजा की तामील पर स्थगन लगा दिया था. भारत ने अपनी अपील में कहा था कि पाकिस्तान राजनयिक संबंधों पर वियेना समझौते का उल्लंघन कर रहा है.

आईसीजे ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत, संयुक्त राष्ट्र की प्रधान न्यायिक संस्था सोमवार, 15 मई, 2017 को सार्वजनिक सुनवायी करेगी.. भारत की ओर से आठ मई, 2017 को पाकिस्तान के खिलाफ शुरू की गयी प्रक्रिया के तहत.’ उसमें कहा गया है, ‘सुनवायी अस्थाई कदमों के संकेतकों संबंधी भारत द्वारा दिये गये अनुरोध पर आधारित होगी.’ 

भारत ने आईसीजे से कहा था कि यदि अदालत तत्काल कदम नहीं उठाता है तो जाधव को मिली फांसी की सजा की तामील हो जाएगी. यह रेखांकित करते हुए कि आईसीजे ने भारत को उसके द्वारा अनुरोध किये गये ‘अस्थाई कदमों’ पर कार्रवाई शुरू करने की सूचना दी है, विदेश मंत्रालय के वक्ता गोपाल बागले ने नयी दिल्ली में कहा कि ‘कानूनी न्यायिक प्रक्रिया’ का पालन किया जाएगा.

पाकिस्तानी सेना ने बुधवार (10 मई) को कहा कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मौत की सजा को लेकर अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के किसी भी सवाल का ‘उचित स्तर’ पर जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव (46) को ‘जासूसी’ के आरोप में मौत की सजा सुनाई है. सेना के प्रवक्ता जनरल आसिफ गफूर ने मीडिया से कहा कि जाधव को ‘कानून की उचित प्रक्रिया’ के बाद सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. उन्होंने कहा, ‘अगर आईसीजे जाधव के बारे में पाकिस्तान से कोई आग्रह करता है तो पाकिस्तान सरकार उचित स्तर पर इसका जवाब देगी.’ सेना की ओर से यह बयान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात के बाद आया है.

जाधव को अप्रैल महीने में मौत की सजा सुनाई गई थी. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने जाधव मामले में विएना संधि का उल्लंघन किया है. भारत ने आईसीजे में अपनी अपील में आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने राजनयिक संबंधों पर विएना संधि का ‘घोर’ उल्लंघन किया है और उसने कहा कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था जहां वह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत होने के बाद व्यापार कर रहा था लेकिन पाकिस्तान ने उसे तीन मार्च 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार करने का दावा किया.

जाधव की सजा पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया दी गई. भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर ‘पहले से नियोजित हत्या’ की गई तो द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान होगा और उसके परिणाम भुगतने होंगे. अपनी अर्जी में भारत ने आईसीजे को यह भी बताया कि उसे एक प्रेस विज्ञप्ति से जाधव की मौत की सजा के बारे में पता चला. जाधव को ‘जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों’ के लिए मौत की सजा सुनाई गई. भारत ने यह स्वीकार किया है कि जाधव नौसेना अधिकारी रहा है लेकिन सरकार के साथ उसके किसी भी तरह के संबंध को खारिज कर दिया. भारत ने कहा कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया


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