पाक हटाये पीओके से अवैध क़ब्ज़ा : भारत
पाकिस्तानी सेना के इस अत्याचार से लगभग दस लाख लोग बेघर हो गए हैं और अनेक लोग या तो लापता हैं या जेलों में बंद हैं I


जिनेवा/नई दिल्ली :  पाकिस्तान पर राजनयिक हमला जारी रखते हुए भारत ने नवाज़ शरीफ सरकार से दो टूक शब्दों में  कहा है कि वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से बाहर निकल जाये और उस पर अपना अवैध क़ब्ज़ा हटाने के दायित्व को पूरा करेI यह पहली बार है जब भारत ने किसी विश्व मंच पर पाकिस्तान को पीओके से अपना अवैध क़ब्ज़ा हटाने को कहा हैI  जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 33वें सत्र में अपने संबोधन में भारतीय प्रतिनिधि ने पुनः ब्लूचिस्तान मुद्दे का ज़िक्र करते हुए वहां पाकिस्तान के निरंतर मानवधिकार उल्लंघन के विषय में विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विशेषकर ब्लूचिस्तान, खयबर पख्तूनवा और सिंध सूबों में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंटव (एम क्यों एम) के कार्यकर्ताओं को पाकिस्तानी सेना द्वारा अपहरण और हत्या की घटनाओं पर प्रकाश डाला I 

पाकिस्तानी सेना के इस अत्याचार से लगभग दस लाख लोग बेघर हो गए हैं और अनेक लोग या तो लापता हैं या जेलों में बंद हैं I भारतीय प्रतिनिधि ने कहा पाकिस्तान को अपने पड़ौसियों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय अपना ''घर ठीक करना चाहिए'' और पड़ौसी देशों पर आतंकवादी हमले बंद करने चाहिये। भारतीय प्रतिनिधि ने यूएनएचआरसी से अपील की कि वह पाकिस्तान से पीओके से अपने अवैध कब्जे को खाली करने के दायित्व को पूरा करने के लिए कहे I भारतीय प्रतिनिधि ने कहा पाकिस्तान कश्मीर के विषय में झूठ बोल-बोल कर यू एन एच आर सी की परीक्षा ले रहा है। सच तो यह है कि पाकिस्तान 1947 से ही कश्मीर पर अपना अधिकार ज़माना चाहता है जो 1947, 1965 और 1999 में साफ़ दिखा I मौजूदा हालात के सन्दर्भ में पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के 78,000 वर्ग किलोमीटर पर अपना अवैध क़ब्ज़ा जमाये हुये है I प्रतिनिधि ने कहा कश्मीर में हिंसा का मुख्य कारण पाकिस्तान द्वारा फैलाया आतंकवकाद है I 

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा ब्लूचिस्तान और अन्य पाकिस्तानी सूबों के लोग पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। इस अत्याचार के शिकार सभी मज़हबों के लोग हैं जिनमें ईसाई, शिया और अहमदिया समुदाय के लोग, हिन्दू, सिख और इस्माइली भी शामिल हैं I उनके मंदिर और पूजा घर भी तहस नहस कर दिए जाते हैं I 
भारतीय प्रतिनिधि ने बताया समय आ गया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि सारे क्षेत्र और विश्व में अशांति फैलने का ख़तरा है I प्रतिनिधि ने यूएनएचआरसी से अपील की कि वह आतंकवाद को कुछ देशों द्वारा राष्ट्रीय नीति के रूप में प्रयोग में लाये जाने पर रोक लगा दे I 


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