INDvsSA: पोर्ट एलिजाबेथ के 'अनलकी' मैदान में सीरीज जीत पाएगी टीम इंडिया?
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नई दिल्ली, पहले तीन वनडे में साउथ अफ्रीका को हराने के बाद जोहानिसबर्ग में खेला गया चौथा वनडे टीम इंडिया के हाथ से निकल गया. इस मैच में टीम इंडिया एक समय जीतती दिख रही थी लेकिन डेविड मिलर और क्लासें की जोड़ी ने उससे जीत छीन, द.अफ्रीकी जमीं पर पहली बार वनडे सीरीज जीतने के इंतजार को बढ़ा दिया. टीम इंडिया अब पोर्ट एलिजाबेथ वनडे में सीरीज जीतने की कोशिश करेगी वहीं मेजबान टीम एक बार फिर पलटवार कर सीरीज का रोमांच बढ़ाना चाहेगी.

टीम इंडिया की ताकत
मौजूदा सीरीज में टीम इंडिया की बल्लेबाजी बेजोड़ रही है लेकिन इसमें दो ही खिलाड़ियों का योगदान रहा है. शिखर धवन और विराट कोहली के सिवा दूसरा कोई बल्लेबाज खुद को साबित नहीं कर सका है. चौथे वनडे में जब विराट और धवन क्रीज पर थे तो ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया का स्कोर 300 के पार जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इन दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारतीय पारी के रन रेट पर ब्रेक लग गया और वो 289 रन ही बना सकी.

गेंदबाजी की बात करें तो वनडे सीरीज में टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया है. हालांकि जोहानिसबर्ग में इन दोनों गेंदबाजों ने मिलकर 8 छक्के खाए जिसके बाद टीम इंडिया हार गई. ऐसे में विराट कोहली को पांचवें वनडे में सिर्फ अपने स्पिनर्स पर निर्भर ना रहते हुए तेज गेंदबाजों को भी जिम्मेदारी सौंपनी होगी.

टीम इंडिया के लिए अनलकी मैदान
बता दें पोर्ट एलिजाबेथ का मैदान टीम इंडिया के लिए अनलकी है. इस मैदान पर भारत एक भी मैच नहीं जीत सका है. टीम इंडिया ने यहां 5 मैच खेले हैं और हर बार उसे हार ही मिली है. टीम इंडिया इस मैदान पर साउथ अफ्रीका से 4 मैच तो हारी ही है, साथ में साल 2001 में उसे केन्या जैसी कमजोर टीम ने भी इस मैदान पर मात दी. मेजबान टीम की बात करें तो यहां उसका रिकॉर्ड जबर्दस्त है. साउथ अफ्रीका ने इस मैदान पर 32 में से 20 मैच जीते हैं और 11 में उसे हार मिली है. हालांकि पिछले 5 में से 3 मैच में उसे यहां हार का सामना करना पड़ा है.

कैसी है सेंट जॉर्ज्स पार्क की पिच
सेंट जॉर्ज्स पार्क की पिच तेज गेंदबाजों को मदद करती है. यहां उछाल और तेज़ी दोनों है लेकिन अगर बल्लेबाज नजर जमा लें तो बड़े स्कोर बन सकते हैं. इस मैदान पर पहले बल्लेबाजी करना अच्छा रहता है क्यों रात में हवा और ठंड की वजह से यहां तेज गेंदबाजों को खासा मदद मिलती है. वैसे अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों को देखा जाए तो यहां 5 में से 4 मैच में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है.

इस साल पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए फर्स्ट क्लास मैचों में हर बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को जीत मिली. इस पिच पर औसत स्कोर 267 रन रहा. भारतीय टीम के रिकॉर्ड की बात करें तो वो कभी इस मैदान पर 200 रन नहीं बना सकी है. पोर्ट एलिजाबेथ में टीम इंडिया का सर्वोच्च स्कोर 179 रन रहा है.

क्या टीम में होगा बदलाव- पांचवें वनडे के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम शायद ही प्लेइंग इलेवन को बदले. पोर्ट एलिजाबेथ की पिच को देखते हुए वो एक बार फिर बिना स्पिनर के उतरेगी. वहीं टीम इंडिया में रोहित शर्मा के फेल होने के बाद शायद टीम मैनेजमेंट बदलाव के बारे में सोचे. वैसे इसकी संभावना कम ही दिखती है.

टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन- रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, एमएस धोनी, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह.

साउथ अफ्रीका की संभावित प्लेइंग इलेवन- हाशिम आमला, एडेन मार्करम, जे पी ड्युमिनी, ए बी डिविलियर्स, डेविड मिलर, क्लासेन, क्रिस मॉरिस, फेहलुकवायो, मॉर्ने मॉर्कल, लुंगी एन्गिडी और कागिसो रबाडा.

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