भारत ने बेंगलुरू में टॉस जीता तो ऑस्ट्रेलिया की जीत मुश्किल
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तरफ से आ रहे बयानों से ये बात साफ है कि उन्हें टीम इंडिया की वापसी की पूर उम्मीद है।


नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया शनिवार को बेंगलुरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दूसरा टेस्ट मैच खेलने के लिए उतरेगी। पुणे में सीरीज का पहला टेस्ट मैच हारने के बाद अब बेंगलुरू टेस्ट काफी रोचक होगा। ऑस्ट्रेलिया ने पुणे में भारत को 333 रनों की करारी शिकस्त दी थी। बावजूद इसके ऑस्ट्रेलियाई टीम के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तरफ से आ रहे बयानों से ये बात साफ है कि उन्हें टीम इंडिया की वापसी की पूर उम्मीद है। अब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क को लगता है कि भारत को पुणे की तुलना में ‘बेंगलुरू में हराना काफी मुश्किल’ होगा, क्योंकि पुणे में टॉस जीतना स्टीव स्मिथ के खिलाड़ियों के पक्ष में रहा था।

क्लार्क ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा, ''ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत को पुणे की तुलना में बेंगलुरू में हराना काफी कठिन होगा। अगर भारत टॉस जीत गया होता और पुणे में उसने बल्लेबाजी की होती तो मुझे नहीं लगता कि परिणाम यही हुआ होता।'' पूर्व कप्तान का मानना है, ''भारत में पहली पारी का स्कोर काफी अहम होता है। अगर आप पहली पारी में 450 रन या इससे ज्यादा का स्कोर बनाते हो तो यह मायने नहीं रखता कि टॉस कौन जीता। पहली पारी में आपने जैसी बल्लेबाजी की, उसका मैच पर असर होता है। इसलिए पहली पारी में ज्यादा से ज्यादा रन जुटाना, दोनों टीमों का लक्ष्य होना चाहिए।'' क्लार्क ने कहा कि बेंगलुरू में विकेट अंतिम दो दिन में बिगड़ेगा।

उन्होंने कहा, ''उप महाद्वीप में, ऐसा लगता है कि मैच पहले तीन दिन काफी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और फिर अंतिम दो दिन में यह खराब होना शुरू होता। गेंद अलग अलग तरह के उछाल और तेजी से ज्यादा स्पिन होना शुरू हो जाती है और इससे बल्लेबाजों को परेशानी होनी शुरू हो जाती है।'' 

क्लार्क ने कहा है, "विराट कोहली दूसरे टेस्ट को लेकर बेहद केंद्रित और पूरी तरह तैयार हैं।'' गौरतलब है कि भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले क्लार्क की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 2013 में भारत दौरे पर 0-4 से श्रृंखला गंवानी पड़ी थी। क्लार्क ने बेंगलुरू में ही पदार्पण किया था। क्लार्क का कहना है कि भारतीय धरती पर जीत हासिल करने के लिए पहली पारी में बड़ा स्कोर करना बेहद जरूरी है।

इसके साथ ही क्लार्क ने भारतीय टीम को भी चेतावनी दी है कि कैच पकड़ें नहीं तो आस्ट्रेलिया के मौजूदा कप्तान स्टीव स्मिथ फिर से शतक लगा सकते हैं। क्लार्क ने साथ ही भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और मध्यक्रम के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे की सराहना भी की।

उन्होंने कहा, "रहाणे शानदार खिलाड़ी हैं। भारत को उन्हें एक और मौका देना चाहिए। उन्होंने यह अधिकार (टीम में बने रहने का) हासिल किया है। इशांत भी टीम में बने रहने के हकदार हैं। वह दमदार तेज गेंदबाज हैं और उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की थी।"

क्लार्क ने हालांकि बेंगलुरू टेस्ट के विजेता का स्पष्ट नाम लेने से इनकार कर दिया और कहा, "मैं सीरीज में किसी एक टीम को जीत हासिल करते देखना चाहूंगा। मैं नहीं चाहता कि श्रृंखला का परिणाम ड्रॉ रहे। मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों ही टीमें सीरीज अपने नाम करने के लिए आक्रामक क्रिकेट खेलेंगी।"

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