Video : बंगला विवाद : बोले अखिलेश - बंगला छोड़ने के बाद मेरे घर में क्या कर रहे थे मुख्यमंत्री योगी के ‘OSD’ और सीनियर आईएस ऑफिसर ‘मृत्युंजय नारायण’....
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव टोटी लेकर पहुंचे


लखनऊ, लखनऊ, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज खुद के सरकारी बंगले में तोड़-फोड़ से जुड़े आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि बंगले में तोड़फोड़ की खबर योगी सरकार दवारा जानबूझकर प्लांट की गयी है ताकि मेरी छवि को धूमिल किया जा सके. 

आज पार्टी कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मलेन में नल की टोटियां लेकर पहुंचें अखिलेश ने कहा कि हर व्यक्ति अपना घर अपने हिसाब से बनवाता है मैंने भी अपना सरकारी बँगला अपने हिसाब से बनवाया ये सोचकर की मुझे यही रहना है. पर बँगला अपने हिसाब से बनवाने के लिए जो पैसा खर्च हुआ वो मैंने जेब से खर्च किया. ऐसे में सरकारी बंगले को नुकसान पहुँचाने की बता कहाँ से आ गयी. 



अखिलेश ने कहा कि मीडिया को ये पता करना चहिये कि मेरे घर छोड़ने के बाद और मीडिया के आने से पहले सीएम के ओएसडी अभिषेक और आईएएस मृत्युंजय नारायण उस सरकारी बंगले में क्या करने पहुंचें थे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि वह क्या करने गए थे? ये लोग फोटोग्राफर लेकर गए थे. 

अखिलेश ने कहा कि बंगले में वुडेन फ्लोरिंग के साथ ही तमाम चीजें अभी भी जस की तस हैं. एक टूटे हुए कोने की तस्वीर इस तरह से खींची गई कि लगे कि पूरा बंगला ही खराब कर दिया गया. अखिलेश ने तंज किया कि कल को हमारी सरकार बनी तो हो सकता है कि यही अफसर ये दिखा दें कि यहां बंगले में चिलम मिला है. स्टेडियम था तो मेरा था, स्टील स्ट्रक्चर इसीलिए बनाया था कि कल को कहीं जाना पड़े तो मैं हटा सकूं.

उन्होंने कहा कि लोग प्यार में अंधे होते होंगे पर जलन और नफरत में अंधे होते हैं ये मैंने देखा है. अखिलेश ने कहा कि टोटी कौन तोड़ता है. अफीमची या भांग खाने वाला. वह अफीमची कौन था, जो टोटी तोड़ने गया. सपा मुखिया ने कहा कि जो मेरी चीज थी, वह मैं लेकर गया. अगर सरकारी दस्तावेज में ये सभी चीजें दर्ज हैं तो मुझे दिखाएं. अखिलेश यादव ने इसे गोरखपुर, फूलपुर और कैराना की हार का बदला बताया.

सोये हुए लोग जाग गये
राज्यपाल की सीएम योगी पर चिट्ठी पर अखिलेश यादव ने कहा कि सोए हुए लोग भी जाग गए. जिन्होंने प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पर रिश्वत के आरोप की चिट्ठी लिखी थी, उसमे क्या हुआ? अखिलेश ने कहा कि हम तो बच्चों को अपने पैसे से लैपटॉप दे रहे हैं. हम पर टोटी का आरोप लगा रहे हैं. सरकार जाने के बाद यही अधिकारी आपके आवास से चिलम ढूढ़ के लाएंगे. उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाएंगे जनता जवाब देगी.

प्रमुख सचिव पर रिश्वत के मामले में कहा कि पुलिस ने सरकार के इशारे पर दबाव में एक दिन में ही ऐसा काम किया कि उसने स्वीकार कर लिया कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है. उन्होंने सरकार को छोटा दिल और मानसिकता वाला बताते हुए कहा कि एक्सप्रेस वे और मेट्रो हमने दिया लेकिन सरकार ने कभी हमारा नाम नहीं लिया सिर्फ किए गए काम का ही उद्घाटन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये इसलिए ऐसा कर रहे हैं क्योंकि गोरखपुर और फूलपुर की हार ये स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब जो भी मुख्यमंत्री बनेगा वो सबसे पहले लखनऊ में सबसे बड़ा प्लॉट ढूंढेगा. वो तो गनीमत थी कि मैंने पहले ही ले रखा था, अब बहुत शानदार घर बनवाऊंगा.

कहाँ है स्वीमिंग पूल
सरकार के इशारे पर तोड़फोड़ के सवाल पर उन्होंने कहा कि जैसा घर मुझे मिला था, जो भी सरकार ने मुहैया कराया था, वो सब यथावत मौजूद है. मेरे घर में पिछले सवा साल में एक हजार बच्चे आए होंगे. उन सबसे पूछो कि कहां है स्वीमिंग पूल. जो स्वीमिंग पूल है ही नहीं,  उस पर खबर बना दी गई कि पूल पर मिट्टी डाल दी गई.

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