अखिलेश को एयरपोर्ट पर रोके जाने पर पक्ष-विपक्ष में जुबानी जंग
मायावती ने कहा कि यह बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या का प्रतीक है।


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जाने से पहले ही लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद सियासी घमासान मच गया है। वह हवाई जहाज से प्रयागराज जाने के लिए अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें जाने की इजाजत नहीं दी। इस मामले में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। 

लोकतंत्र की हो रही हत्याः मायावती
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिए उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय है। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या का प्रतीक है। मायावती ने इस मामले में दो ट्वीट किए। 


दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'क्या बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकार बीएसपी-एसपी गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि करने पर भी रोक लगाने पर वह तुल गई है। अति दुर्भाग्यपूर्ण। ऐसी आलोकतंत्रिक कार्रवाईयों का डट कर मुकाबला किया जाएगा।' 


राम गोपाल ने योगी को बताया जिम्मेदार 
अखिलेश को इलाहाबाद जाने से रोकने मामले में राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के पास इलाहाबाद जाने की अनुमति थी, लेकिन सीएम योगी के निर्देश के बाद उन्हें रोक दिया गया। अखिलेश को इलाहाबाद तक नहीं जाने दिया जा रहा है। 

अखिलेश की मानसिकता गुंडाराज कीः BJP प्रवक्ता 
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'कुंभ शांतिपूर्वक चल रहा है। यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के बीच माहौल अच्छा नहीं है। कुछ गड़बड़ी न हो इसलिए रोका गया। अखिलेश यादव की भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उनकी मानसिकता गुंडाराज की है। वह इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं। वह कुंभ में खलल डालना चाहते हैं।' 

सिद्धार्थनाथ सिंह ने अखिलेश पर कसा तंज 
योगी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि आजकल चुनाव आते ही विपक्ष के अंदर होड़ लगी है कि कौन अधिक सुर्खियां बटोर सकता है। पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी अलोकतांत्रिक धरने पर बैठीं। आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी दिल्ली में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक ही टेप बार-बार गा रहे थे, इसलिए उनको भी फुटेज मिलना बंद हो गई। इसके बाद वह (राहुल गांधी) बहन (प्रियंका गांधी) और ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर लखनऊ आए, जिससे कुछ सुर्खियां मिली। अब अखिलेश को लगा कि वह पिछड़ गए और इसलिए वह इस तरह के कदम उठा रहे हैं। 

'मोदी सरकार में बौखलाहट' 
गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने लिखा, 'एक और नेता छात्रों को संबोधित करने से रोक लिया गया। मैं इसका सख्ती से विरोध करता हूं। इससे साफ है कि मोदी सरकार में बौखलाहट है।' 

भड़कीं पंखुड़ी पाठक 
समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता रहीं पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट किया, 'बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आने से छात्रों द्वारा रोका गया था क्योंकि वह कई हिंसा भड़काने व कानून का उल्लंघन करने के मामलों में दोषी थे। ऐसे आपराधिक स्वभाव वाले व्यक्ति के आने से कानून व्यवस्था को बेशक खतरा था, लेकिन अखिलेश यादव से आपत्ति क्यूं?' 

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